जबलपुर: बैतूल जिले की अथनेर तहसील अंतर्गत ग्राम मंडवी के सरपंच द्वारा नदी किनारे स्थित श्मशान की आरक्षित भूमि पर बाउंड्री वाल तैयार कर कब्जा किये जाने का आरोप लगाते हुए मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये है। युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की है।
यह जनहित का मामला बैतूल तिले की अथनेर तहसील के ग्राम मांडवी निवासी दीपक कुमार बरपेटे की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता विद्याशंकर मिश्रा ने पक्ष रखा। आवेदक का कहना है कि मांडवी ग्राम में नदी किनारे स्थित शासकीय भूमि श्मशान घाट के लिये रिजर्व है। आरोप है कि उक्त जमीन पर ग्राम सरपंच ने पहले तो कुछ पेड़-पौधे लगवाये, इसके बाद उसके चारों ओर बाउंड्रीबाल का निर्माण कर वहां अखाड़ा शुरु करा दिया, इतना ही नहीं नदी के किनारे से बाउंड्रीबाल का निर्माण किया गया, जिससे नदी का अस्तित्व भी संकट में आ गया और उसकी चौड़ाई पहले से काफी कम हो गई।
उक्त मामले की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की गई, जिन्होंने शिकायत को सही पाते हुए कलेक्टर से कार्यवाही से अनुशंसा भी की, लेकिन नतीजा सिफर रहा, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले में मप्र शासन के प्रमुख सचिव, कलेक्टर बैतूल, तहसीलदार अथनेर, जिला व जनपद पंचायत सीईओं एवं ग्राम पंचायत मंडवी के सरपंच को पक्षकार बनाया गया है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
