भोपाल, 04 जुलाई (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि अगले दो साल में राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 50 तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।
डॉ यादव ने यहां कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक समारोह में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत प्रतिभाशाली बच्चों को लैपटॉप के लिए राशि वितरित की। इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान कहा कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर व्यवस्थाओं से हमारे विद्यार्थी लाभान्वित हों, यही हमारा संकल्प है। प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, अगले दो वर्षों में यह संख्या 50 करेंगे। नीट में चयनित विद्यार्थियों की 80 लाख रुपए तक की मेडिकल फीस सरकार वहन कर रही है, चाहे वे सरकारी कॉलेज में हों या निजी में।
उन्होंने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रदेश के 94 हजार 234 विद्यार्थियों को प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत लैपटॉप के लिए प्रत्येक विद्यार्थी 25 हजार रुपए की राशि का वितरण कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ये समारोह भविष्य निर्माण का उत्सव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को निखार कर एक सशक्त राष्ट्र के लिए एक समृद्ध और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनाना है। विद्यार्थी डॉक्टर-इंजीनियर ही नहीं, अच्छे नागरिक और जनप्रतिनिधि भी बनें। ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ से लाभान्वित होने में बेटियाँ आगे रहीं, 60 प्रतिशत लाभार्थी बेटियाँ रहीं हैं, यह बुद्धिमत्ता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। सरकारी विद्यालयों के 52 फीसदी विद्यार्थी योजना से लाभान्वित हुए, जो सीमित संसाधनों में विद्यार्थियों की अद्भुत क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में वर्ष 2009 से अब तक 4.32 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप योजना का लाभ मिला और इसके तहत 1,084 करोड़ रूपए से अधिक की राशि वितरित की गई। यह लैपटॉप प्रमाणपत्र नहीं, भविष्य की सच्ची ट्रॉफी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में 15 हजार 600 मेधावी बालिकाओं को निःशुल्क इलेक्ट्रिक स्कूटी मिली।
उन्होंने बताया कि अंगदान को प्रोत्साहित करने हेतु अंगदाता को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जायेगा।
