नयी दिल्ली 03 जुलाई (वार्ता) भारत और फ्रांस की सेनाओं के बीच अंतर संचालन, परस्पर विश्वास और सामरिक समन्व्य बढाने के उद्देश्य से आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘शक्ति-आठ’ गुरूवार को फ्रांस के कैंप लारजैक, ला कैवेलरी में औपचारिक समापन समारोह के साथ संपन्न हो गया।
सेना के अनुसार इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने रण कौशल से जुड़े अनुभवों और सर्वोत्तम तौर तरीकों को साझा किया। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला और अभ्यास के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसे दोनों देशों के बीच बढते रक्षा सहयोग में मील का पत्थर माना जा रहा है।
अभ्यास के दौरान भारतीय दल जिसमें मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर राइफल्स बटालियन के 90 सैनिक शामिल थे और फ्रांसीसी सैनिकों ने अभियानों के अनुरूप मिशन-उन्मुख अभ्यासों की एक श्रृंखला में भाग लिया। इस में फायरिंग, शहरी युद्ध प्रशिक्षण, बाधा पार करना, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (ईडब्ल्यू) एकीकरण और काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (सी-यूएएस) ऑपरेशन शामिल थे।
इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण 96 घंटे तक लगातार चलने वाला फील्ड अभ्यास था। इसमें वास्तविक और उच्च दबाव की स्थितियों में दोनों टुकड़ियों की सहनशक्ति, योजना दक्षता और संयुक्त निर्णय लेने की क्षमताओं का परीक्षण किया गया।
फ्रांस में भारतीय राजदूत संजीव सिंगला ने अभ्यास के दौरान सैनिकों से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने में उनके पेशेवर कौशल और योगदान की सराहना की।
शक्ति- आठ अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का प्रमाण है। इससे न केवल सामरिक ज्ञान और परिचालन संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान संभव हुआ है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता, सामूहिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की भी पुष्टि होती है।
