रूसी तेल खरीदार देशों पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क के मसले पर भारत अमेरिका के संपर्क में-जयशंकर

वाशिंगटन, 3 जुलाई (वार्ता) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव को लेकर भारत ने अमेरिका को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है,

डॉ. जयशंकर ने बुधवार रात यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिकी संसद में उठने वाले हर विषय में भारत की दिलचस्पी है जिससे भारतीय हित प्रभावित हो सकता है।
डॉ. जयशंकर रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव पर टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी चिंताओं से सीनेटर लिंडसे ग्राहम को अवगत करा दिया है।
गौरतलब है कि अमेरिका के सीनेटर लिंडसे ग्राहम रूस प्रतिबंध विधेयक ला रहे हैं, जिसमें रूस से तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य उत्पाद खरीदने वाले देशों से अमेरिका में आने वाले सामान पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने का प्रावधान है। अगर ऐसा होता है तो भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि जब से रूस यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ है, तब से भारत अपनी जरूरत के तेल का बड़ा हिस्सा रूस से ही खरीद रहा है

सीनेटर लिंडसे ग्राहम रूस पर प्रस्तावित विधेयक के बारे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ चर्चा कर रहे हैं, जिसके तहत रूसी तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य उत्पादों को खरीदने वाले किसी भी देश से आयात पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने विधेयक को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।
डा जयशंकर ने कहा “लिंडसे ग्राहम के प्रस्तावित विधेयक के बारे में कहा जाये तो अमेरिकी कांग्रस में उठने वाले हर विषय में भारत की दिलचस्पी है जिससे भारतीय हित प्रभावित हो सकता है। इसलिए हम सीनेटर ग्राहम के संपर्क में हैं। ऊर्जा, सुरक्षा में हमारी चिंताओं और हमारे हितों से हमने उन्हें अवगत करा दिया गया है। जब वह वक्त आएगा तो देखा जाएगा।”
डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के साथ लिंडसे ग्राहम इस विधेयक को ला रहे हैं जो अमेरिका को भारत और चीन सहित कई अन्य देशों पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की अनुमति देगा, ताकि उन्हें रूसी तेल और गैस खरीदने से रोका जा सके। मार्च में इस विधेयक को पहली बार पेश किया गया था लेकिन उस समय इसका विरोध हुआ था। इस विधेयक को कुछ विरोध के कारण देरी का सामना करना पड़ा। हालांकि,ग्राहम ने दावा किया है कि इसे 84 सीनेटरों का समर्थन प्राप्त है।
भारत और चीन रूसी तेल के दो प्रमुख खरीदार हैं और अगर यह विधेयक पारित हो जाता है,तो इससे दोनों देशों के लिए समस्याएँ पैदा होंगी।
भारत का कहना है कि रूस के साथ उसका तेल व्यापार वैध है। अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो यह भारतीय उत्पादों खासकर फार्मास्यूटिकल्स और टेक्सटाइल निर्यात पर 500 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की अनुमति दे सकता है।

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