नयी दिल्ली, 30 जून (वार्ता) बिहार सरकार ने राज्य में छह नये क्षेत्रीय हवाई अड्डों के निर्माण के लिए सोमवार को यहां भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार बिहार निवास में बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा तथा दिल्ली में बिहार के रेजीडेंट कमिश्नर एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कुंदन कुमार की मौजूदगी में बिहार के नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक निलेश देवरे ने एएआई के अधिकारियों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।
गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी थी। इसके तहत मधुबनी, बरपुर (सुपौल), मुंगेर, वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण), मुजफ्फरपुर और सहरसा में छोटे हवाई अड्डों के निर्माण की योजना है। इन परियोजनाओं के पहले चरण के लिए 150 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें प्रत्येक हवाई अड्डे के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस अवसर पर श्री मीणा ने कहा,“यह समझौता बिहार में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। यह न सिर्फ राज्य की यातायात संरचना को मजबूती देगा, बल्कि विकास और निवेश के नये द्वार भी खोलेगा।”
श्री कुमार ने कहा, “नयी दिल्ली में बिहार निवास एक संवाद और समन्वय का केंद्र बन रहा है। यह समझौता बिहार की क्षेत्रीय हवाई सेवा को नयी ऊंचाई देने वाला है और इसके माध्यम से केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच सहकार्य को नयी गति मिलेगी।”
यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत दृष्टिकोण और भारत सरकार की उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य किफायती हवाई यात्रा के माध्यम से अन्य क्षेत्रों को जोड़ना है। सरकार अगले पांच वर्षों में 50 और हवाई अड्डे जोड़ने की योजना बना रही है और 2047 तक कुल 350 से अधिक हवाई अड्डों का लक्ष्य रखा गया है। इन योजना वाले हवाई अड्डों पर 19-सीटर विमान संचालित होंगे, जो बिहार के दूरदराज क्षेत्रों तक हवाई यात्रा की पहुँच में महत्वपूर्ण सुधार करेंगे। बिहार सरकार की यह पहल राज्य में समावेशी विकास को बल देगी।
