इंदौर:इंदौर जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नगदी रहित उपचार की व्यवस्था की गई है. कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि इसके लिए लागू‘कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम- 2025’ के क्रियान्वयन में इंदौर को मॉडल जिला बनाया जाएगा.उल्लेखनीय है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित और नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ‘कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम-2025’ लागू की गई है. इस योजना के अंतर्गत अब सड़क दुर्घटनाओं में घायल किसी भी व्यक्ति का इलाज इंदौर के अस्पतालों में नगदी रहित (कैशलेस) रूप से किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा डेढ़ लाख रुपये तक होगी.
योजना क्रियान्वयन के लिए इंदौर के अधिकांश अस्पतालों ने अपने पंजीयन करा लिये है. इस क्रम में कलेक्टर आशीष सिंह ने आज जिले के अस्पताल संचालकों की बैठक ली. बैठक में आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ.योगेश भरसट भी विशेष रूप से मौजूद थे. उन्होंने अस्पताल संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और योजना क्रियान्वयन के संबंध में दिशा निर्देश भी दिए. कलेक्टर आशीष सिंह ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए.
पंजीयन से शेष अस्पताल संचालकों से कहा गया है कि अतिशीघ्र अपना पंजीयन करा लें. उन्होंने अस्पताल संचालकों से आग्रह किया कि वे स्कीम के तहत चिन्हित प्रक्रिया का पालन करें तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें. सभी संबंधित विभागों, अस्पतालों एवं संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे ‘कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम-2025’ का पालन सुनिश्चित करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायल प्रत्येक व्यक्ति को शीघ्र और समुचित उपचार उपलब्ध हो सके.
