
अशोकनगर। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी पर अशोकनगर जिले के मुंगावली थाने में जातीय वैमनस्य फैलाने, झूठे वीडियो वायरल करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि उन्होंने एक युवक से झूठा बयान दिलवाकर वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। एफआईआर में उस शपथ पत्र का उल्लेख किया है कि जिसमें पीडि़त द्वारा इस प्रकार के किसी भी कृत्य होने से इंकार किया है। मुंगावली में दर्ज हुई एफआईआर में बताया गया है कि 26 जून को सोशल मीडिया पर जो वीडियो बायरल हुआ था, उसमें पीडित गजराज लोधी और उसका भाई रघुराज लोधी पुत्र श्रीकिशन लोधी निवासी ग्राम मूडऱा थाना मुंगावली द्वारा जीतू पटवारी से कहा जा रहा था कि साथ मारपीट की गई और उसे मानव मल खिलाया गया। जबकि उसी दिन पीडि़त गजराज लोधी द्वारा कलेक्टर अशोकनगर के समक्ष एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया जिसमें लेख किया गया था कि कि सरपंच के पुत्र विकास एवं उसके साथियों ने उसके साथ केवल मारपीट की थी एवं उसकी मोटर सायकिल छुड़ाकर रख ली थी जिसकी शिकायत उसके द्वारा थाना मुंगावली एवं कलेक्टर के समक्ष जनसुनवाई में की थी।
पीडि़त को दिया प्रलोभन:
मुंगावली थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया है कि 25 जून को जिले के कुछ कांग्रेसी नेताओं द्वारा पीडि़त गजराज लोधी व उसके भाई रघुराज लोधी को जीतू पटवारी से मिलवाने ओरछा ले गये थे, जहां जीतू पटवारी ने उसे भीड़ से अलग ले जाकर समझाया कि तुम्हे यह कहना है कि तुम्हे मानव मल खिलाया गया है। इसके बदले में वह उसे मोटरसायकिल और परिवार का जीवन भर ध्यान रखने की बात कहीं। वहीं परेशान होने के कारण उसने सभी के समक्ष उसे मल खिलाने वाली बात कहीं, जिसका वीडियो जीतू पटवारी ने बनवा लिया और उसे बायरल कर दिया था।
जातियों में वैमनस्यता फैलाने गड़े झूठे तथ्य:
एफआईआर में पुलिस द्वारा उल्लेख किया गया है कि पीडि़त के साथ मानव मल खिलाने जैसे की घटना नहीं हुई थी। जैसा की पीेडि़त ने शपथ पत्र दिया है। वहीं जीतू पटवारी व अन्य द्वारा पीडि़त के संबंध में असत्य रूप से गड़े गये मिथ्या साक्ष्य के आधार पर वीडियो वायरल कराया गया है जिससे प्रथम दृष्टया पाया गया कि उक्त गड़े गये मिथ्या साक्ष्य के आधार पर जातियों व समुदाय के बीच सौहार्द बने रहने के विरूद्ध व आपस में वैमनस्यता फैलाने का कार्य किया है। एवं विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन कराने वाले कार्य किये गये है। जिसके आधार पर जीतू पटवारी एवं अन्य पर बीएनएस की धारा 61(2), 196 (1) (्र),197(1)(ष्ट),229(2),237,353 (1) (ष्ट) के मामला दर्ज करते हुए जांच में लिया है।
