जबलपुर: पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के नरसिंहपुर में पदस्थ एक बुकिंग क्लर्क ने ताे बड़ा खेल करते हुए 10 रुपए की प्लेटफार्म टिकट काे नरसिंहपुर से साेहागपुर की 55 रुपये की टिकट में हाथ से बदलाव करते हुए रेलवे काे चूना लगा दिया। टिकट क्लर्क के इस गड़बड़झाले का खुलासा टिकट चैकिंग की फ्लाइंग स्क्वाड की जांच में सामने आया। मामले की जांच शुरू हाे गई है।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि 26 जून गुरुवार की सुबह भाेपाल-इटारसी विंध्याचल एक्सप्रेस में नरिसंहपुर- साेहागपुर के बीच फ्लाइंग स्क्वाड ट्रेन में यात्रियाें की जांच कर रही थी। इसी दाैरान उन्हें 3 यात्री एक टिकट पर यात्रा करते मिले, उनकी टिकट संदिग्ध थी। प्लेटफार्म की 10 रुपए की टिकट में हाथ से बदलाव करते हुए नरसिंहपुुर से साेहागपुर लिखा गया था। यात्रियाें से पूछने पर बताया कि यह टिकट उन्हें बुकिंग क्लर्क ने दी।
क्लर्क ने ऐसे किया खेल
बताया जाता है कि जांच की गई ताे पता चला कि क्लर्क लक्ष्मन सिंह पटेल ने 3 यात्रियाें द्वारा साेहागपुर की टिकट मांगने पर पहले 10 रुपये की प्लेटफार्म टिकट निकाली, फिर उसे हाथ से साेहागपुर की बना दिया और प्रत्येक यात्री से 55-55 रुपए यानी 165 रुपए ले लिये. अर्थात रेलवे के खाते में 10 रुपए गये, क्लर्क की जेब में 155 रुपए गये।
जबलपुर तलब
सूत्राें के मुताबिक घटना की जानकारी जबलपुर में वाणिज्य विभाग के अधिकारियाें काे दी गई, जहां से लक्ष्मन सिंह पटेल काे तत्काल जबलपुर तलब किया गया है। उससे अधिकारी देर शाम काे पूछताछ करते रहे. माना जा रहा कि इस घटना के सामने आने के बाद स्पष्ट है कि काफी पहले से इस तरह का गाेरखधंधा चलता आ रहा है।
