चंडीगढ़, (वार्ता) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का नाम बदलकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा रखने को मंजूरी दी गई।
सूत्रों के अनुसार ब्यूरो की उभरती भूमिका और जिम्मेदारियों की व्यापक समीक्षा के बाद मंत्रिमंडल में यह निर्णय लिया गया। एसीबी का संशोधित नाम- राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा होगा, जो ब्यूरो के दोहरे फोकस को बेहतर ढंग से दर्शाता है। ब्यूरो की जिम्मेदारी केवल भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों से परे है। इसमें व्यापक सतर्कता ढांचा भी शामिल है। “सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक” का संयुक्त नामकरण इसके संचालन के पूरे दायरे को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों में कदाचार, भ्रष्टाचार और पारदर्शिता के मुद्दों की जांच भी शामिल है।
इसके अलावा अन्य राज्यों में इसी तरह की एजेंसियों के नामकरण की समीक्षा से पता चला कि हिमाचल प्रदेश, केरल और मणिपुर सहित कई राज्य “सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो” जैसे शीर्षक का उपयोग करते हैं। हरियाणा ब्यूरो का नाम बदलकर इसी तरह का शीर्षक रखने का उद्देश्य राज्य को राष्ट्रीय रुझानों के साथ जोड़ना है, जिससे पूरे देश में अधिक एकरूपता और स्थिरता को बढ़ावा मिले।
प्रस्तावित नामकरण ब्यूरो की विभिन्न परिचालन शाखाओं के बीच तालमेल को भी बेहतर ढंग से दर्शाता है, जिससे भ्रष्टाचार, कदाचार और प्रशासनिक अकुशलता से निपटने की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।
