
ग्वालियर। कांग्रेस नेताओं ने ग्वालियर में संविधान उपवास सत्याग्रह आंदोलन किया. ये आंदोलन 6 घंटे चला. हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ परिसर में अंबेडकर प्रतिमा लगाए जाने के समर्थन में ये सत्याग्रह किया गया. सत्याग्रह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार समेत कई दिग्गज कांग्रेस नेता मौजूद रहे.
कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा “प्रश्न यह है कि अंबेडकर की प्रतिमा लगना चाहिए या नहीं. हम कहते हैं कि लगनी चाहिए और ग्वालियर कुछ वकील कहते हैं कि नहीं लगनी चाहिए. वे बता रहे हैं कि कोई बीएन राव नाम के व्यक्ति हैं, जो संविधान सभा के या समिति के सदस्य नहीं थे. लेकिन ये वकील कहते हैं बाबासाहब ने नहीं, बीएन राव ने संविधान लिखा है, अरे कौन है बीएन राव?”
दिग्विजय ने कहा “कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा ग्वालियर के उच्च न्यायालय प्रांगण में नहीं लगायी तो यह माना जाएगा कि आप विरोधी हैं. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने संविधान जलाया था. आज यह साबित हो गया है. हम मना रहे हैं संविधान सत्याग्रह दिवस संविधान बचाने के लिए.
*सज्जन वर्मा बोले- काला दिवस क्या, वे पूरा वर्ष मनाएं*
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का कहना था “ये समय संविधान बचाने का है लेकिन कुछ लोग बाबा साहब के संविधान और उनके विचार को कलंकित करना चाहते हैं. न्यायपालिका जिस प्रतिमा की परमिशन देती है, उसका बीजेपी और आरएसएस से जुड़े वकील विरोध कर रहे हैं. जिस संविधान की किताब पढ़कर वकील बने हो, उसी का विरोध. यही तो बीजेपी का चरित्र है. ये काले चरित्र के लोग हैं. वे तो काला दिवस, क्या काला वर्ष मनाएं. सिंधिया को भी इतिहास पढ़ने की जरूरत है.”
*जीतू पटवारी ने बताया, क्यों काला दिवस मनाए बीजेपी*
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा “भारतीय जनता पार्टी अपने पापों को छुपाने के लिए ये सब कर रही है. उन्हें काला दिवस इस बात का मनाना चाहिए क्योंकि प्रदेश में सबसे ज़्यादा दलित बहनें ग़ायब हुईं. दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार की राजधानी मध्य प्रदेश बन गया. लंबी फ़ेहरिस्त है बीजेपी के नेताओं की जो आम जनता को लगातार यातनाएं दे रहे हैं. मोदी ने 12-13 सरकारें गिरा दीं, 600 विधायकों की खरीद फरोख्त कर 500 से ज़्यादा सांसदों की मंडी लगवा दी, यह काला दिवस नहीं तो क्या है?”
