बेंगलुरु, 23 जून (वार्ता) कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालावाडी नारायणस्वामी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए सोमवार को कहा कि भ्रष्टाचार के कारण गहराते राजनीति संकट को रोकने का एकमात्र उपाय ये है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का तुरंत इस्तीफा देें।
प्रदेश भाजपा कार्यालय जगन्नाथ भवन संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने शासन को भ्रष्टाचार के बाज़ार में बदल दिया है। उन्होंने कहा, “यह वह कांग्रेस नहीं है जो लोगों की सेवा करने आयी थी। यह वह है जो सत्ता का व्यापार करने आयी है। उन्होंने श्री बसवराज बोम्मई को ‘वेतनभोगी मुख्यमंत्री’ करार दिया था और हम पर 40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार होने का आरोप लगाया। लेकिन आज, जनता की नाराजगी उनके प्रति है।”
उन्होंने कहा कि केवल पूर्ण नेतृत्व परिवर्तन ही जनता के विश्वास का न्यूनतम स्तर भी बहाल कर सकता है। उन्होंने कहा “अगर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद छोड़ दें, तो शायद कुछ सकारात्मक बदलाव शुरू हो सकते हैं। लेकिन जैसी स्थिति है, यह सरकार अपने ही भ्रष्टाचार के बोझ तले घुट रही है। बिहार में चुनाव नजदीक हैं और यहां कर्नाटक में कांग्रेस सरकार लूटपाट में व्यस्त है।”
कांग्रेस के भीतर से उठ रही आवाजों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रियों और विधायकों ने बोलना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “श्री बेलूर गोपालकृष्ण ने मंत्री ज़मीर अहमद के इस्तीफे की मांग की है। श्री आर.वी. देशपांडे ने कहा है कि गारंटी योजनाएं वित्तीय रूप से विनाशकारी हैं। यहां तक कि उनके अपने आर्थिक सलाहकार एवं विधायक रायारेड्डी ने भी स्वीकार किया है कि कर्नाटक भ्रष्टाचार में नंबर वन बन गया है।”
