तेहरान, 20 जून (वार्ता) ईरान के उत्तरपूर्वी प्रांत खुरासान रजावी में देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि अहमद अलमोल्होदा ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के नागरिकों को कमांडरों, परमाणु कार्यक्रम अधिकारियों की मौत या सामाजिक संपत्तियों के नुकसान से चिंतित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये इजरायल के मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा है। यह जानकारी ईरान इंटरनेशनल ने दी।
शुक्रवार की नमाज़ के दौरान श्री अलमोल्होदा ने कहा कि “दुश्मन हमें मनोवैज्ञानिक और सैन्य अभियानों के माध्यम से डराना चाहता है। डर से कमज़ोरी आती है, लेकिन लोग डगमगाए नहीं हैं।” कथित ‘इज़रायली मनोवैज्ञानिक युद्ध’ के बारे में खामेनेई की हालिया टिप्पणी को दोहराते हुए, उन्होंने नागरिकों से अपना सामान्य जीवन जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमें शहर क्यों खाली करना चाहिए? दुश्मन आपके दैनिक जीवन को बाधित करना चाहता है जिससे आप मैदान छोड़ दें।” ईरान किसी भी गलत सूचना से निपटने के लिए साइबर हमलों को विफल कर रहा है, इंटरनेट तक पहुंच को प्रतिबंधित कर रहा है या कुछ हिस्सों में इसे पूरी तरह से बंद कर रहा है।
ईरान सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने सरकार की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि इंटरनेट पर प्रतिबंध नागरिकों की सुरक्षा एवं साइबर हमलों का मुकाबला करने के लिए लागू किए गए हैं। ये इज़राइल के मनोवैज्ञानिक युद्ध एवं डिजिटल खतरा का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रीगण राष्ट्रपति एवं प्रमुख मंत्रिमंडल सदस्यों के साथ जमीनी स्तर पर अवसंरचना एवं सार्वजनिक सेवाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। इस बीच, अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे समाचारों के लिए केवल सरकारी मीडिया और घरेलू मैसेजिंग ऐप पर ही निर्भर रहें। सुश्री मोहजेरानी ने कहा कि सर्वोच्च नेता के किसी भी कथित अपमान से जनता में व्यापक प्रतिक्रिया होगी।
