नयी दिल्ली 20 जून (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंदौर की एक कंपनी के 183 करोड़ रूपये के फर्जी बैंक गारंटी घोटाले मामले में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एक वरिष्ठ प्रबंधक सहित दो लोगों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने शुक्रवार को बताया कि दोनों आरोपियों को कोलकाता में स्थानीय में पेश किया गया जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाया जाएगा। जांच एजेन्सी के अनुसार यह मामला इंदौर स्थित एक कंपनी मेसर्स तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड द्वारा मध्य प्रदेश जल निगम लिमिटेड (एमपीजेएनएल) को 183.21 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा करने से संबंधित हैं। जांच एजेन्सी ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद इस संबंध में नौ मई को मामला दर्ज किया था।
इस कंपनी ने एमपीजेएनएल से वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश में 974 करोड़ रुपये की तीन सिंचाई परियोजनाएं हासिल कीं। इन अनुबंधों के लिए 183.21 करोड़ रुपये की आठ फर्जी बैंक गारंटी जमा की गईं।
जांच एजेन्सी ने बताया कि प्रारंभिक सत्यापन के दौरान एमपीजेएनएल को पीएनबी के डोमेन से फर्जी ईमेल मिली जिसमें बैंक गारंटी की प्रामाणिकता की झूठी पुष्टि की गई। इन पुष्टियों पर भरोसा करते हुए एमपीजेएनएल ने कंपनी को 974 करोड़ रुपये से अधिक राशि के तीन अनुबंध दिए।
इस मामले में सीबीआई ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और पांच राज्यों दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, झारखंड और मध्य प्रदेश में 23 स्थानों पर तलाशी ली जिसके परिणामस्वरूप पीएनबी के एक वरिष्ठ प्रबंधक गोविंद चंद्र हांसदा और मोहम्मद फिरोज खान नामके व्यक्ति की कोलकाता से गिरफ्तारी हुई।
अब तक की जांच से पता चला है कि कोलकाता स्थित एक सिंडिकेट कई राज्यों में सरकारी अनुबंध हासिल करने के लिए व्यवस्थित रूप से फर्जी बैंक गारंटी तैयार कर रहा है। मामले की जांच अभी भी जारी है।
