
मंडला। बिछिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरवाड़ा के झीगरा टोला में जन संघर्ष मोर्चा की जन स्वाभिमान यात्रा के दौरान चौंकाने वाले खुलासे ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कान्हा टाइगर रिजर्व का वन अमला बैगा आदिवासियों पर लगातार जुल्म ढा रहा है, और अब तो महिलाएं और बच्चे भी निशाने पर हैं।
8 माह की बच्ची को छीन ले गए सिपाही, दादा को पीटा गया
4-5 जून की सुबह मंगल बैगा अपनी 8 माह की नातिन प्रज्ञा को लेकर नदी किनारे दातून करने गया था। तभी वन विभाग की 25–30 सिपाहियों की टीम ने दबिश दी और बच्ची को मां समान गौतहरिन बाई ने जबरन छीन लिया। मंगल को पकड़कर महुआ डबरी नाका ले जाया गया, फिर सरही गेट पर उससे मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि मंगल से वन्यप्राणियों की मौत का जबरन ‘इकबाल-ए-जुर्म’ कराने का प्रयास किया गया।
कतकु बैगा गायब, परिवार बेसुध: “दारू पिलाकर जंगल ले गए”
6 जून को गांव लौट रहे कतकु बैगा को भी वनकर्मियों ने रास्ते से उठा लिया। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि उसे शराब पिलाकर जंगल की ओर ले जाया गया, और तब से अब तक वह गायब है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, चार बच्चों के पिता कतकु की पत्नी को यह तक नहीं पता कि उसके पति को जेल भेजा गया या किसी और अनहोनी का शिकार हुआ।
वन विभाग की कथित बर्बरता का आलम यह है कि झीगरा टोला के अजय बैगा को जब वन अमला ढूंढने आया तो उसने जान बचाकर गांव से भाग जाना ही बेहतर समझा। 10 जून को गिरानी बैगा को घेरने के बाद पूरा गांव दहशत में है।
18 जून को अंजनिया में जन स्वाभिमान यात्रा के दौरान इन मामलों की जानकारी देते हुए नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, जिसे मंडला कलेक्टर को प्रेषित किया गया है।
