नयी दिल्ली, 17 जून (वार्ता) अहमदाबाद लंदन एयर इंडिया विमान हादसे के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नये सुरक्षा दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन के बाद अब तक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की 66 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।
डीजीसीए ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की जो सामूहिक रूप से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर एक हजार से अधिक दैनिक उड़ानें संचालित करती हैं।
बैठक में डीजीसीए ने बोइंग 787 बेड़े पर विशेष ध्यान देते हुए एयर इंडिया के व्यापक संचालन के लिए हाल के परिचालन आंकड़ों की भी समीक्षा की जिसमें बताया गया कि 12 जून से 17 जून शाम 1800 बजे तक, एयर इंडिया के वाइड-बॉडी संचालन में कुल 83 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें से 66 बोइंग 787 उड़ानें थीं।
देश में विमानन सेवाओं के नियामक तंत्र डीजीसीए द्वारा आहूत इस बैठक का उद्देश्य परिचालन लचीलापन का आकलन करना और दोनों वाहकों द्वारा सुरक्षा मानकों और यात्री सेवा नियमों का पालन करने की पुष्टि करना था। सत्र के दौरान कुल 7 प्रमुख फोकस क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जो नियामक अनुपालन को बनाए रखने और परिचालन विश्वसनीयता को बढ़ाने पर केंद्रित थे।
नियामक ने एक अधिक व्यवस्थित और वास्तविक समय पर दोष रिपोर्टिंग तंत्र के कार्यान्वयन की सिफारिश की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिचालन और सुरक्षा-महत्वपूर्ण विभागों को समय पर अद्यतन जानकारी प्राप्त हो। इससे समग्र निर्णय लेने में वृद्धि होने और डाउनस्ट्रीम व्यवधानों को कम करने की उम्मीद है।
