नयी दिल्ली, (वार्ता) भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात को मई माह में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संभाले रहने में इलेक्ट्रॉनिक सामान, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री उत्पाद और सभी कपड़ा तथा सिले सिलाए परिधान क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा।
मई में दाल, कच्चा तेल, उर्वरक, सोना और खाद्य तेल का आयात कम हुआ।
सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई में वाणिज्यिक निर्यात में एक साल पहले की तुलना में कुल मिलाकर 2.17 प्रतिशत कर हल्की गिरावट रही। इसी दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान क्षेत्र के निर्यात में सालाना आधार पर 54.1 प्रतिशत और समुद्री उत्पादों के निर्यात में 26.79 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी।
इसी दौरान निर्यात में 22.69 प्रतिशत वृद्धि के साथ तम्बाकू और तम्बाकू उत्पाद, मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद (16.87 प्रतिशत ), कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन (16 प्रतिशत), अभ्रक, कोयला और अन्य अयस्क, प्रसंस्कृत खनिजों सहित खनिज (11.65 प्रतिशत), वस्त्र उदद्योग (11.35 प्रतिशत), मसाले (11.19 प्रतिशत), अन्य अनाज (9.64 प्रतिशत), फर्श कवरिंग सहित जूट निर्माण (9.5 प्रतिशत), कॉफी (8.18 प्रतिशत), ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स (7.38 प्रतिशत), चमड़ा और चमड़ा उत्पाद (6.89 प्रतिशत), फल और सब्जियां (2.56 प्रतिशत), चाय (2.3 प्रतिशत), सिरेमिक उत्पाद और कांच के बने पदार्थ (2.27 प्रतिशत), कालीन उद्योग (एक प्रतिशत) का भी अच्छा योगदान रहा।
मई में दालों के आयात का आयात 51.89 प्रतिशत और परिवहन उपकरण उद्योग का निर्यात 28.23 प्रतिशत घट गया। उर्वरक, कच्चा तेल और इसके विनिर्मित उत्पादों के आयात में 26.64 प्रतिशत, पेट्रोलियम, कच्चा तेल और उत्पाद के आयात में 26.14 प्रतिशत, अखबारी कागज के आयात में 20.57 प्रतिशत, कोयला, कोक और ब्रिकेट, आदि में 19.37 प्रतिशत, मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थरों के आयात में 18.51 प्रतिशत, धातु अयस्क और अन्य खनिजों के आयात 13.53 प्रतिशत और स्वर्ण आयात में 12.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
मई में वनस्पति तेल आयात एक साल पहले इसी माह की तुलना में 3.61 प्रतिशत कम रहा।
मई में भारत के निर्यात उत्पादों के पांच प्रमुख बाजारों में निर्यात के कुल मूल्य में वृद्धि दर के हिसाब से संयुक्त अरब अमीरात (16.93प्रतिशत), चीन (25.04 प्रतिशत), ऑस्ट्रेलिया (35.36 प्रतिशत), रूस (48.11 प्रतिशत), और जर्मनी (17.05 प्रतिशत) का स्थान रहा।
इसी तरह आयात के पांच प्रमुख स्रोतों में मूल्य में वृद्धि के हिसाब से चीन (21.61 प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (27.64 प्रतिशत), नाइजीरिया (89.56 प्रतिशत), हांगकांग (29.3 प्रतिशत), और जापान (24.32 प्रतिशत) शामिल हैं।
