भोपाल। गांधी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मेधा पाटेकर ने कहा कि नर्मदा बचाओ आंदोलन को 40 वर्ष पूरे हो गए हैं, लेकिन आज भी हजारों विस्थापित परिवारों का पुनर्वास अधूरा है. पुनर्वास स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी, जमीन और मकान के हक से लोग वंचित हैं. पाटेकर ने कहा कि यह संवैधानिक और मानवीय अधिकारों का उल्लंघन है. नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण निष्क्रिय है और मध्यप्रदेश-गुजरात के बीच फंडिंग विवाद से समाधान लंबित है. पाटेकर ने सभी विस्थापितों को अधिकार दिलाने के लिए सरकारों से ठोस कदम उठाने की अपील की.
