कार्य स्थल में महिला सुरक्षा पर परिचर्चा

नयी दिल्ली 15 जून (वार्ता) असंगठित क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा के मुद्दे को लेकर रविवार को एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

 

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित की गई इस परिचर्चा में महिला अधिकारों से संबंधित आठ संस्थाओं की 32 महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया। परिचर्चा का आयोजन महिला अधिकारों से जुड़े स्वयंसेवी संगठन ‘पारदर्शिता’ ने किया

 

गया।

 

परिचर्चा में मुख्य तौर पर घरों में काम करने वाली महिलाओं को अधिकारों को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्हें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) कानून, 2013 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी

 

गयी।

 

परिचर्चा में कहा गया कि सुरक्षित कार्यस्थल प्रत्येक कामकाजी महिला का मौलिक अधिकार है और सरकार को इस संबंध मे ठोस पहल करनी चाहिए। कानून के तहत सभी जिलों में स्थानीय शिकायत समिति का गठन एवं नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। इस दौरान महिला अधिकारों और सुरक्षा पर दिल्ली में चलाये जा रहे जागरूकता अभियान से भी अवगत कराया गया।

 

परिचर्चा में निर्माण मजदूर अधिकार अभियान के थानेश्वर दयाल आदिगौड़ , घरेलू कामकाजी महिला संगठन की रेखा सिंह, बाल विकास धारा के विकास पाठक और दिल्ली वेस्ट वर्कर्स फेडरेशन के शंभुनाथ‌ ने भाग लिया।

 

इसके बाद बाल विकास धारा ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कूड़ा बीनने वाले लोगों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। इसमें कूड़ा बीनने वाले लगभग 30 लोगों ने भाग लिया।

 

इन लोगों को ‘सम्मानित मजदूर, सुरक्षित भविष्य’ अभियान के अंतर्गत नमस्ते योजना , ई- श्रम पंजीकरण, आभा कार्ड जैसी कई सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी।

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