IPL जीत के जश्न में हुए हादसे से भारतीय क्रिकेट बोर्ड ‘एक्शन मोड’ में; 14 जून को एपेक्स काउंसिल की अहम मीटिंग में बनेंगे सख्त प्रोटोकॉल, RCB पर भी पड़ सकता है प्रभाव।
नई दिल्ली, 12 जून (वार्ता): बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL जीत के जश्न के दौरान हुई दुखद भगदड़ के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हरकत में आ गया है। इस घटना में 11 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने के बाद, BCCI ने भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार, बोर्ड 14 जून को एक महत्वपूर्ण एपेक्स काउंसिल मीटिंग बुला रहा है, जिसमें IPL फ्रेंचाइजीज के लिए जीत के जश्न और भीड़ प्रबंधन से संबंधित नए नियम बनाए जाएंगे।
यह घटना तब हुई जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 18 साल के इंतजार के बाद अपना पहला IPL खिताब जीता और बेंगलुरु में एक विजय परेड का आयोजन किया गया। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हजारों की संख्या में प्रशंसकों की भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके कारण भगदड़ मच गई। इस त्रासदी के बाद कर्नाटक सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और RCB, इवेंट मैनेजमेंट फर्म डीएनए एंटरटेनमेंट और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। BCCI ने शुरुआत में इस घटना को फ्रेंचाइजी का निजी कार्यक्रम बताया था, लेकिन अब बोर्ड ने इसकी गंभीरता को स्वीकार करते हुए कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि बोर्ड ‘मूक दर्शक’ नहीं रहेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए औपचारिक दिशानिर्देश तैयार करेगा।
इस मीटिंग में, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आचार संहिता में संशोधन, BCCI कर्मचारियों के लिए टूर्नामेंट भत्ता नीति, और आयु सत्यापन कार्यक्रम (AVP) परीक्षण नियमों में प्रस्तावित संशोधन जैसे अन्य एजेंडा आइटम भी शामिल होंगे। यह बैठक क्रिकेट आयोजनों में सार्वजनिक सुरक्षा और जवाबदेही के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। बेंगलुरु में हुई इस त्रासदी ने पूरे देश में बड़े पैमाने पर आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की कमियों को उजागर किया है, और अब BCCI पर दबाव है कि वह ऐसे नियम बनाए जो भविष्य में क्रिकेट प्रशंसकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। इस बात की भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस घटना के परिणामस्वरूप RCB पर कोई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो सकती है, हालांकि BCCI ने अभी तक ऐसी किसी भी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है।

