मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
मंदसौर विधायक विपिन जैन की अगुवाई में चल रहे शिवना शुद्धिकरण अभियान को जिस तरह व्यापक जनसहयोग मिला, अनेक जनप्रतिनिधियों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तक उसमें शरीक हुए वैसा भानपुरा नगर परिषद अध्यक्ष के साथ नहीं हुआ. विगत दिनों जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर परिषद द्वारा रेवा नदी में स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया गया.
रेवा नदी शुद्धीकरण हेतु भानपुरा में एलान किया गया और सभी संस्थाओं व भानपुरा वासियों से नगर परिषद अध्यक्ष विनोद भानपिया द्वारा अपील की गई थी कि रेवा शुद्धिकरण में अपना सहयोग प्रदान करें, परंतु सफाई स्थल पर नगर परिषद के कर्मचारियों के अलावा कोई भी नजर नहीं आया, न तो कोई सामाजिक संस्था और न ही नगरवासी नजर आए. उन्हें उम्मीद थी मंदसौर की तरह यहां के लोग भी जागरुकता दिखाएंगे, लेकिन किसी का सहयोग न मिलता देख भानपिया का दर्द छलक पड़ा. नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि नगर परिषद कांग्रेस के होने के कारण न तो नेता प्रतिपक्ष और न ही विपक्ष के पार्षद हमारा सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जनता भी बेरुख है, जबकि मंदसौर में शिवना अभियान की अगुवाई कर रहे विधायक भी कांग्रेसी है और उन्हें सबका भरपूर सहयोग मिल रहा है.
परमानंद जी को झंझट से बचाया पुरी जी ने
निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर युगपुरुष स्वामी परमानंद सरस्वतीजी को एक कथा में प्रसंग सुनाते हुए पशु का साधु-संतों से जोडऩा भारी पड़ गया है. परमानंद सरस्वती की ओर से साधु-संतों के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी पर बवाल के बीच अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज ने उज्जैन प्रवास के दौरान इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने इसे केवल साधु-संतों का नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म और भगवा की गरिमा का अपमान बताते हुए युगपुरुष परमानंद जी के आचरण को आदि जगतगुरु शंकराचार्य की परंपरा और भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताया.
रविंद्रपुरी महाराज ने साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार के बयान की पुनरावृत्ति होती है तो फिर अखाड़ा परिषद कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा. हालांकि रविंद्र पुरी जी ने यह सब बातें कही जरूर, पर कहा जा रहा है कि उन्होंने साधु-संतों की फिलहाल नाराजगी दूर कम करने किया. ये साधु-संत स्वामी परमानंद सरस्वती को तत्काल महामंडलेश्वर पद से हटाने और उन्हें निरंजनी अखाड़े से भी निष्कासित किए जाने पर अड़े थे. इस तरह पुरी जी ने चेतावनी की बात कर मामला शांत कर दिया और परमानंद जी को झंझट से बचा लिया.
जाते-जाते झटका, चंगुल में पार्षद पति
नेपानगर नगर पालिका सीएमओ शैलेंद्र चौहान के कार्यकाल में उनका पार्षदों से विवाद होता रहा. पिछले कुछ समय से पार्षदों और उनके बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चल रहा था. इसी बीच सीएमओ चौहान को स्थानातरण हो गया और जाने से पहले जाते जाते एक पत्र थाने में दे दिया था. अब इस मामले में पार्षद पति फंसते नजर आ रहे हैं. दरअसल वार्ड नंबर 13 के भाजपा पार्षद गिरीश कुमार निकम ने नपा सीएमओ को पत्र लिखकर कहा था कि वार्ड 11 में प्रधानमंत्री योजना के तहत बन रहे गार्डन में नपा द्वारा पूर्व से लगाए गए सामान पार्षद प्रतिनिधि द्वारा अपने पास रख लिए गए हैं.
इसके बाद सीएमओ चौहान ने एक आवेदन नेपा थाने में दिया या जिसमें कहा गया कि वार्ड 11 में पूर्व में बने गार्डन की जाली, एंगल चोरी हो गए. वार्ड 13 के पार्षद गिरीश कुमार निकम के द्वारा पत्र के माध्यम से निकाय को 1 जून को लिखित पत्र देकर वार्ड 11 की पार्षद योगिता पाटिल के पति व प्रतिनिधि का लेख किया गया है, जो राजू दामू पाटिल है. उन्होंने सामग्री चोरी कर अपने पास रख ली इसलिए केस दर्ज किया जाए. थाना क्या कार्रवाई करता है, यह बाद की बात है, फिलहाल पाटिल अपनी सफाई देने में लगे हैं कि नगर पालिका में पारदर्शिता से काम कराने के लिए आवाज उठाने पर झूठे आरोप लगाए गए. इस साजिश का लोकतांत्रित तरीके से जवाब दिया जाएगा.
