उज्जैन: उज्जैन सिंहस्थ को लेकर भी प्रयागराज की तर्ज पर ही मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश कलेक्टर और सिंहस्थ मेला अधिकारी द्वारा दिए गए हैं.नवभारत से चर्चा में सिंहस्थ मेला अधिकारी और इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि निश्चित तौर पर सिंहस्थ-2028 का आयोजन बेहतर होगा, देश और दुनिया का यह एक शानदार आयोजन रहेगा, जिसमें 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालु, आगंतुक अथिति व साधु संत आएंगे उनकी व्यवस्था के लिए उज्जैन मेजबानी करेगा पूरा मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
चर्चा में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मास्टर प्लान बनाया जाना इसलिए जरूरी है, की सभी काम व्यवस्थित ढंग से हो ,हाल फिलहाल एक कंपनी को मास्टर प्लान बनाए जाने के लिए अधिकृत किया गया है ,उसका अवलोकन किया जाएगा, अंतिम निर्णय लेने के बाद आगे का काम शुरू होगा.मास्टर प्लान बहुत ही बारीकी से बनाया जाएगा, जिस कंपनी को यह काम दिया गया है उससे यदि अधिकारी संतुष्ट नहीं हुई तो किसी दूसरी कंपनी से मास्टर प्लान बनवाया जाएगा, उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में कहां पर कितने चौड़े मार्ग बनेंगे, कौन-कौन से यूटिलिटी एरिया होंगे और बाहरी सडक ,पार्किंग ,सेटेलाईट टाऊन मेला क्षेत्र से कैसे जुड़ेंगी। ऐसे कई बिंदु मास्टर प्लान में समाहित रहेंगे, टेंट तंबू पड़ाव क्षेत्र ,पेयजल स्वास्थ्य सुविधाएं भी इसमें शामिल करेंगे.
मास्टर प्लान में इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि मेला क्षेत्र में एक स्थाई कुंभ सिटी भी आकर लेने वाली है. विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी और उनकी टीम इसे तैयार कर रही है, उसमें भी साधु संतों से लेकर धार्मिक सामाजिक सांस्कृतिक संस्थाओं को जमीन दी जाएगी, जो स्थाई निर्माण करेंगे, स्कूल अस्पताल, आश्रम, धर्मशाला से लेकर व्यवसाय गतिविधियों के प्रकल्प उसमें बनेंगे, वही जिला प्रशासन द्वारा अस्थाई तौर पर पार्किंग, यातायात व्यवस्था आदि का प्रावधान किया जाएगा. कुल मिलाकर मास्टर प्लान बनने के बाद आगे की प्रक्रिया कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह द्वारा बताई जाएगी.
