इंदौर:इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता को बरकरार रखने के लिए इमरजेंसी लगाई थी, वह घोषित आपातकाल था जबकि आज भी सत्ता को बचाए रखने के लिए अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं, लेकिन लोकतंत्र में तानाशाह बनने की कोशिशें इस देश में ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है.ये विचार समाजवादी चिंतक और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष रघु ठाकुर ने लोहिया विचार मंच द्वारा गांधी हाल स्थित अभिनव कला समाज परिसर में आयोजित आपातकाल की यादें विषय पर बोलते हुए व्यक्त किये.
कार्यक्रम के विशेष अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया ने कहा कि इमरजेंसी में जिस तरह से लोकतंत्र का गला घोटा गया और जुल्म ढाए गए उन्हें याद कर आज भी सिहरन दौड़ जाती है. आपातकाल की यातनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि लोकतंत्र से चुने गए नेता जब अपनी सत्ता पर संकट देखते हैं तो तानाशाह बन जाते हैं.
इंदिरा गांधी ने भी वही किया और आज के सत्ताधीश भी वही कर रहे हैं, लेकिन यह ज्यादा समय नहीं चलता है. जटिया ने कहा कि सत्ता किसी भी की दल की हो वह अगर लोगों की बोली पर ताला लगाने की कोशिश करेगी तो उसे जाना होगा. जनता उसे माफ नहीं करेगी. अध्यक्षता रामबाबू अग्रवाल ने की जबकि संचालन रामस्वरूप मंत्री ने किया.
