नई दिल्ली, 29 मई (वार्ता) व्यक्तिगत विकास, पारिवारिक जुड़ाव और सांस्कृतिक अनुभव का साधन बन चुकी भारतीयों की यात्रा का ट्रेंड लगातार बदल रहा है और पर्यटक अब गहराई से अनुभव करने के इरादे से यात्रा कर रहे हैं।
थॉमस कुक (इंडिया) लिमिटेड और उसकी ग्रुप कंपनी एसओटीसी ट्रैवल की गुरुवार को जारी इंडिया हॉलिडे रिपोर्ट 2025 से स्पष्ट होता है कि भारतीय यात्री अब सिर्फ़ घूमने नहीं, बल्कि गहराई से अनुभव करने के इरादे से यात्रा कर रहे हैं। 2500 से अधिक उत्तरदाताओं पर आधारित इस सर्वे में भारतीयों की बदलती यात्रा आदतों, प्राथमिकताओं और खर्च की प्रवृत्तियों की गहन झलक मिलती है। रिपोर्ट इस ओर इशारा करती है कि अब यात्रा भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 85 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बताया कि वे वर्ष 2025 में अपनी छुट्टियों की आवृत्ति बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 84 प्रतिशत लोग अपने यात्रा बजट को 20 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का इरादा रखते हैं। दिलचस्प बात यह है कि अब छोटी छुट्टियों के साथ-साथ लंबी छुट्टियों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। 54 प्रतिशत उत्तरदाता 5-10 दिनों की लंबी छुट्टियों की योजना बना रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय यात्री अब अनुभवात्मक और बकेट-लिस्ट छुट्टियों की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं। लगभग 60 प्रतिशत लोग अनोखे और व्यक्तिगत अनुभवों जैसे उत्तरी लाइट्स, चेरी ब्लॉसम, मिडनाइट सन, ग्लेशियर लैंडिंग, स्टारगेज़िंग, गैस्ट्रोनॉमी ट्रेल्स, वन्यजीव सफारी, और वैश्विक संगीत-खेल आयोजनों में रुचि रखते हैं। आध्यात्मिक यात्राओं, ट्रीहाउस या शैटॉ जैसे अनूठे ठहराव विकल्पों का भी आकर्षण बढ़ा है।
सोशल मीडिया, ओटीटी कंटेंट और फिल्मों का असर यात्रियों की पसंद पर स्पष्ट रूप से देखा गया है। सर्वे में 60 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि इन प्लेटफॉर्म से प्रेरित होकर वे अपनी अगली यात्रा की योजना बनाते हैं। वीजा प्रक्रिया की सरलता और सीधी उड़ानों के विस्तार ने भी अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की लोकप्रियता में इजाफा किया है।
भारतीय अब मूल्य-चेतन होते हुए भी गुणवत्ता और भरोसेमंद ब्रांड को प्राथमिकता दे रहे हैं। लगभग 39 प्रतिशत लोग पेशेवर छूट और छूटों की खोज करते हैं, वहीं 90 प्रतिशत लोग परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा करना पसंद करते हैं। मल्टी-जनरेशन ट्रैवल (65 प्रतिशत), कपल्स (60 प्रतिशत) और फ्रॉलीग (28 प्रतिशत) जैसे नए यात्रा उपसमूह तेजी से उभर रहे हैं।
नई यात्रा शैलियों में क्रूज (45 प्रतिशत), सेल्फ-ड्राइव (35 प्रतिशत) और सुंदर ट्रेन यात्राएं (20 प्रतिशत) खास लोकप्रिय हो रही हैं। इसके साथ ही, तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका भी यात्रा योजना में अहम होती जा रही है, जहां 35 प्रतिशत लोग डिजिटल टूल्स से अपनी यात्रा तय कर रहे हैं।
यूरोप अभी भी शीर्ष अंतरराष्ट्रीय गंतव्य बना हुआ है लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया, जापान-दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड और मध्य एशिया जैसे क्षेत्रों में रुचि तेजी से बढ़ रही है। भारत के भीतर कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ भूटान और अंडमान भी पर्यटकों की सूची में हैं।
रिपोर्ट के निष्कर्षों पर थॉमस कुक के राजीव काले और एसओटीसी के एस. डी. नंदकुमार ने कहा कि भारत में यात्रा अब सिर्फ अवकाश नहीं बल्कि व्यक्तिगत विकास, पारिवारिक जुड़ाव और सांस्कृतिक अनुभव का साधन बन चुकी है। बदलते उपभोक्ता व्यवहार को ध्यान में रखते हुए दोनों कंपनियाँ नई तरह की ट्रैवल पेशकशों पर काम कर रही हैं।”
