संयुक्त राष्ट्र, 29 मई (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने इजरायल के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उसने कहा था कि विश्व निकाय सीमा पार से गाजा के लिए मानवीय आपूर्ति लेने में विफल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को कहा कि गाजा में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डालकर केरेम शालोम, करेम अबू सलेम से सहायता लेने के प्रयास में जुटे हैं, जो एकमात्र खुला क्रॉसिंग है। प्रवक्ता ने यह बयान इजरायल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डैनी डैनन के कल किये गये दावे के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र क्रॉसिंग के गाजा की तरफ 400 ट्रक से अधिक सहायता सामग्री ले जाने में विफल रहा है।
राजदूत डैनन ने संवाददाताओं से कहा, “इस समय, गाजा की तरफ बाड़ के पास 400 से अधिक ट्रक पहले से ही खड़े हैं, जिन्हें राहत सामग्री वितरित किया जाना है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र उन्हें पहुंचाने में विफल रहा है। हमने क्रॉसिंग खोल दी है। हमने उन ट्रकों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराये हैं लेकिन संयुक्त राष्ट्र लोगों तक नहीं पहुंचा पाया।”
श्री दुजारिक ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि गाजा में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी ‘हाथ पर हाथ रखकर बैठे नहीं हैं।’ उऩ्होंने कहा कि गाजा की तरफ से सहायता पहुंचाना बेहद मुश्किल है।
प्रवक्ता ने बताया कि जब वे गाजा में सामान भेजना चाहते हैं, तो पहले उसे इजरायली मंजूरी लेनी पड़ती है। मंजूरी के बाद सामान इजरायल की ओर से केरम शालोम चौकी पर आता है, जहां उसे ‘स्टीराइल ट्रकों’ में लादा जाता है। फिर वह सामान फिलिस्तीनी ट्रकों से जाता है, जिसके लिए भी इजरायल से अनुमति लेनी पड़ती है। कल संयुक्त राष्ट्र के सभी मिशनों को इजरायल ने मंजूरी नहीं दी।
उऩ्होंने कहा, “अगर हम गाजा में राहत सामग्री नहीं पहुंचा पा रहे हैं, तो इसका कारण हमारी कोशिशों की कमी नहीं है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल जानबूझकर संयुक्त राष्ट के मानवीय प्रयासों में बाधा डाल रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया, “ये आप उन्हें पूछें, लेकिन इतना तय है कि वे हमारा काम को आसान नहीं बना रहे।”
श्री दुजारिक ने इजरायली अधिकारियों को चुनौती दी कि वे अंतरराष्ट्रीय मीडिया को गाजा जाने की अनुमति दें ताकि वे खुद हालात देख सकें और सच्चाई सामने ला सकें।

