बहू बनकर आईं और बेटी के रूप में पूजी गईं देवी अहिल्याबाई: यादव

भोपाल, 27 मई (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने एक नहीं अनेक आदर्श स्थापित किए हैं। वह बहू बनकर होल्कर परिवार में आईं और बेटी के रूप में पूजी गईं, ऐसा उन्होंने अपने कार्यों से ही कर सकी हैं।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्‍कर की 300 वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में राजधानी के जंबूरी मैदान पर आयोजित किए जा रहे महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन की व्यवस्थाओं को लेकर आज यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को मुख्यमंत्री डॉ यादव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिल्या बाई होल्कर ने अपने शासनकाल में सुशासन, देशभर के मंदिरों का जीर्णोंद्धार, न्यायप्रिय व्यवस्था और महिलाओं के सशक्तिकरण के कार्यों से आदर्श स्थापित किया है। देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासनकाल में जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर अपनी सेना में भील बटालियन बनाईं। देवी अहिल्याबाई ने विधवा विवाह की प्रथा शुरू कराई और बहनों की जिंदगी संवारने का कार्य किया। महेश्वर साड़ी का निर्माण शुरू कराकर महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल पेश की।

डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। किसी महिला का सुहाग छीना जाए तो ब्रम्हांड सुरक्षित नहीं रहता। पहलगाम में हुए कायराना हमले में हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा गया, तो बदला लेना तो बनता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बहनों का सिंदूर मिटाने का दुश्मन से ऐसा बदला लिया कि दुनिया ने भारत और भारत की सेना का शौर्य और पराक्रम देखा। उन्होंने कहा कि 31 मई को देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर प्रधानमंत्री दो लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करेंगे। हम सब के लिए सौभाग्य का विषय है, क्योंकि देशभर में कार्यक्रम हो रहे हैं और प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश आना स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा सरकारें भी देवी अहिल्याबाई द्वारा स्थापित सुशासन, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विरासत को संजोने के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर की धर्म, न्यायप्रियता से संबंधित संस्मरण सुनाते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यों से मध्यप्रदेश की बेटी और बहू के रूप में अतुलनीय कार्य किया है।

श्री शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 मई को लोकमाता अहिल्याबाई की जयंती पर होने वाले महिला सशक्तीकरण सम्मेलन में भाग लेने भोपाल आ रहे हैं। यह कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा, जिसमें करीब 2.5 लाख बहनें भाग लेंगी। श्री शर्मा ने कहा कि इस सम्मेलन की समूची व्यवस्थाओं का नेतृत्व बहनें ही करेंगी और कार्यकर्ता बंधु उनके पीछे रहेंगे। सभी बहनों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाएगी, उनका अलग-अलग काम होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी सुबह 10.30 बजे सम्मेलन में पहुंच जाएंगे, इसलिए सभी बहनों को इस सम्मेलन के लिए व्यवस्थाएं सुबह से ही संभालनी होगी। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिरों की जीर्णोद्धार, सुशासन, महिला सशक्तीकरण और उन्हें स्वाबलंबी बनाने के लिए स्वरोजगार से जोड़ने जैसे काम किए। श्री शर्मा ने कहा कि पहलगाम में आतंकियों द्वारा हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने पर प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान को सबक सिखाया है। प्रधानमंत्री 31 मई को महिला सशक्तीकरण सम्मेलन में भाग लेने भोपाल आ रहे हैं और उनके स्वागत, सम्मान सहित कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं नारी शक्ति ही संभालेगी।

श्री शर्मा ने कहा कि यह महिला सम्मेलन भी महिला सशक्तीकरण को ही समर्पित है। इसलिए सभी बहनें आज से ही इस सम्मेलन की तैयारी में जुट जाएं। निश्चित रूप से 31 मई को भोपाल में होने वाला यह सम्मेलन नया इतिहास बनाएगा।

भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ सिंह कहा कि वैदिक काल से आज तक नारी शक्ति ने हर जिम्मेदारी को निभाकर आदर्श स्थापित किया है। 300 वर्ष पहले देवी अहिल्या बाई होल्कर ने अपने न्याय प्रिय शासन व्यवस्था, नारी सशक्तिकरण और सुशासन के साथ सांस्कृतिक विरासत संजोकर समाज में एक आदर्श स्थापित किया है। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। 31 मई को भोपाल में होने वाले महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन की सभी व्यवस्थाएं आप सभी बहनें संभालेंगी। बहनों को जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाती है, उसको वह पूरी कर्मठता के साथ निभाती हैं।

भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद ने कहा कि देवी अहिल्याबाई अपने कामों के बल पर एक सामान्य महिला से लोकमाता बनी। उनकी जयंती पर महिला सशक्तीकरण सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जो पूरी तरह से महिला आधारित है। उन्होंने कहा कि दुनिया में महिलाओं को बराबरी का दर्जा 1893 में मिला, जबकि भारतवर्ष में नारी सम्मान प्रारंभ से रहा है। रानी लक्ष्मीबाई, अवंती बाई, झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं ने देश की स्वतंत्रता और संस्कृति की रक्षा में अद्वितीय योगदान दिया है और इन्हीं में से एक हैं लोकमाता अहिल्याबाई थी।

श्री हितानंद ने कहा कि 300 साल पहले रानी अहिल्याबाई ने भाषाओं के विकास के लिए त्रिभाषा सूत्र दिया। अपनी सेना को आधुनिक अस्त्र-शस्त्र देकर सशक्त बनाया, न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया और अपने पुत्र को भी सजा देकर न्याय की मिसाल कायम की। उन्होंने महिलाओं को स्वाबलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया, वही काम भाजपा की सरकारें कर रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग, प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक शर्मा, सीमा सिंह जादौन, कांतदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया, महापौर मालती राय आदि उपस्थित रही। कार्यक्रम में हजारों की संख्या नारी शक्ति शामिल हुयी।

 

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