ग्वालियर: महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती आठ दिन ग्वालियर मेें बिताने के बाद हवाईमार्ग से श्री भाव भावेश्वर तीर्थ वरूमाल के लिए रवाना हो गए। उनके शिष्यों ने विमानतल पर उन्हें नम आंखों के साथ भावभीनी विदाई दी। इस मौके पर उन्होंने शिष्यों एवं श्रद्धालुओं से कहा कि जो छह दिन मैंने जो उपदेश दिया है उसे जीवन में उतारने का प्रयास करो। हृदय परमात्मा के चरणों में समर्पित कर दो।
परमात्मा के लिए आंसू बहाओगे तो वो उन्हें मोती पहनकर गले में पहन लेगा घर से यदि पांच बार भगवान का नाम बोलकर निकलोगे तो आपके काम खुद व खुद होने लगेंगे और विघ्न दूर हो जाएगा। भगवान के नाम में बहुत शक्ति होती है भगवान के सामने सिर झुकाएंगे, तो दुनिया तुम्हारे सामने झुकने लगेगी। उनकी विदाई के मौके पर श्री सनातन धर्म मंडल के अध्यक्ष विजय गोयल, हरीशंकर पचौरी, गोपाल अग्रवाल, राजेश वंसल, प्रवीण त्रिपाठी, सुरेश वंसल, पुनीत वंसल, भावेश गोयल, जलद गोयल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
