जबलपुर:मप्र हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत ने कहा कि जितना मान-सम्मान मुझे पदभार संभालने के दिन से आज तक इस प्रदेश, इस शहर व इस बार एसोसिएशन में मिला, उतना कहीं नहीं मिला। यह अविस्मरणीय है अत: इसे भुला पाना मेरे लिए असंभव है। वे अपने सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कैत, प्रशासनिक न्यायाधीश संजीव सचदेवा, स्टेट बार के वाईस चेयरमैन आरके सिंह सैनी, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल पुष्पेंद्र यादव, अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव अधिवक्ता निखिल तिवारी, जिला बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा, हाईकोर्ट बार अध्यक्ष धन्य कुमार जैन व सचिव परितोष त्रिवेदी मंचासीन थे। संचालन सचिव परितोष त्रिवेदी व आभार अधिवक्ता निर्मला नायक ने ज्ञापित किया।
सिल्वर जुबली आदर्श सभागार में अपने भाव व्यक्त करते हुए मुख्य न्यायाधीश कैत ने कहा कि मैं जितना भावुक हूंए उतना ही कठोर, अपने व्यक्तिगत मान-सम्मान की मुझे परवाह नहीं पर इंस्टीट्यूशन के प्रति कोई गलत बात बर्दाश्त नहीं करता। जो कुछ कम समय में बार के लिए कर सकता था, मैंने किया। अधिवक्ताओं के लिए पार्किंग और बैठने के लिए आठ मंजिल बिल्डिंग प्रस्तावित कराई। सीजे श्री कैत अधिवक्ता समुदाय की फरमाइश पर उनके बीच सुर साधकर ओ फिरकी वाली गीत गाकर समां बांध दिया। इसी के साथ सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
अधिवक्ताओं ने भी गीत के बोलों को दोहराकर साथ दिया। इसके बाद सभी वकीलों ने स्टैंडिंग ओवेशन देकर सीजे कैत का मान बढ़ाया। हाईकोर्ट बार अध्यक्ष धन्य कुमार जैन ने बार की ओर से सीजे कैत का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सीजे कैत ने असंभव को संभव कर दिखाया। उनकी वजह से बार के नवीन भवन का स्वप्न समय पर साकार होगा। मुख्यमंत्री व सुप्रीम कोर्ट के जजों की मौजूदगी में 117 करोड़ का बजट स्वीकृत कराया। यह कहते ही सभी वकील अपने स्थान पर खड़े हो गए और सीजे कैत के सम्मान में स्टेंडिंग ओवेशन दिया। काफी देर तक तालियां थमीं नहीं।
स्मृति चिन्ह, श्रीमती कैत को हाथकरघा की साड़ी भेंट की
हाईकोर्ट बार ने विदाई की भावुक बेला में सीजे कैत को हाईकोर्ट भवन का स्मृति चिन्ह व श्रीमती कैत को हथकरघा की साड़ी भेंट की। दो घंटे तक चले कार्यक्रम में सभी भाव विभोर हो गए। हाईकोर्ट बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित जैन, उपाध्यक्ष प्रशांत अवस्थी, संयुक्त सचिव योगेश सोनी, कोषाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह, पुस्तकालय सचिव रजनीश उपाध्याय, कार्यकारिणी सदस्य सपना तिवारी सहित अन्य का सहयोग रहा।
