
जबलपुर:हाईकोर्ट में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा एक जनहित याचिका दायर कर राज्य शासित धार्मिक स्थलों में सभी वर्ग के लोगों को पुजारी के पद पर नियुक्ति में अवसर प्रदान करने की मांग की गई है। जनहित याचिका में मध्यप्रदेश विनिर्दिष्ट मंदिर विधेयक 2019 की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है।
इस याचिका में विभिन्न गंभीर को विषयों उठाते हुए जबलपुर निवासी विवेक तिवारी ने हस्तक्षेप आवेदन पेश किया है। आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता निशांत मिश्रा ने बताया कि याचिका में एक वर्ग विशेष के लिए आपत्तिजनक दलीलें दी गई हैं।
पुजारी के पद के लिए भी विशेष योग्यताएं निर्धारित रहती हैं। पुरातन काल से ही मंदिरों में श्रेष्ठ ब्राह्मण ही मुख्य पुजारी बनते हैं। यह दलील देना कि अन्य नियुक्तियों की तरह पुजारी की नियुक्ति भी जाति के आधार पर नहीं वरन योग्यता के आधार पर की जाए, पूरी तरह अनुचित है।0
