सतना:जिला पंचायत में सत्ता और विपक्ष के नाम पर दो फांक हो चुके सदस्यों के बीच अन्दरूनी तौर पर चल रही खीचतान पर स्थिाई रूप से विराम लगाने के लिए सांसद गणेश सिंह के नेतृत्व में सत्ता के साथ आस्था रखने वाले सदस्य इन दिनों राजनैतिक पर्यटन में राजधानी भ्रमण कर रहे हैं.दूसरी तरफ जिला पंचायत की राजनीति का दीर्घ अनुभव रखने वाले सत्ता से जुडे नेताओं के सहयोग से विपक्ष दूसरा ताना-बाना बुन रहा है.
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनें से उपेक्षा के कारण जिला पंचायत के आधे सदस्य नाराज चल रहे हैं.उन्होने कई अवसरों पर यह आरोप खुलकर लगाया है कि जिला पंचायत के अधिकारी सत्ता से सम्बध रखने वाले सदस्यों को विशेष महत्व दिया जाता है.जिला पंचायत द्वारा ज्यादातर काम उन्ही के क्षेत्रों में स्वीकृत किए जा रहे है.स्थिति दोनों के बीच इतनी तनावपूर्ण हैकि एक बार बैठक में विरोध करने पर अध्यक्ष रामखेलावन कोल ने स्वयं यह कह दिया कि जब वोट नहीं दिया तो काम कैसे मिलेगा.बाद में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजना जैन के हस्ताक्षेप से मामला शान्त हुआ.
इसके बाद भी कई अवसरों पर सदस्यों के बड़े समूह ने जिला पंचायत के वर्तमान पदाधिकारियों पर खुलकर पक्षपात करने का आरोप लगाया है.हालांकि इस मामले की जानकारी सदस्यों के समूह ने प्रदेश पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल को भी जिले के प्रवास के दौरान दी है.उन्होने भी स्पष्ट तौर पर कहा था कि प्रदेश में पंचायतें दलगत राजनीति से ऊपर हैं अधिकारियों को इसका हमेशा ध्यान रखना चाहिए.
बताया गया है कि सत्ता पक्ष से सम्बध रखने वाला सदस्यों का एक धड़ा इन दिनों सीईओ से कुछ इसी बात से नाराज चल रहा है कि वे अन्य दलों से सम्बन्ध रखने वाले सदस्यों को भी उनकी मांग के अनुरूप महत्व दे रही है.चर्चा है कि राजधानी प्रवास के दौरान सदस्यों ने मुख्यमंत्री समेत अन्य कई मंत्रियों से सांसद के नेतृत्व में भेट कर तबादला किए जाने की मांग उठाई.दूसरी तरफ अध्यक्ष के बर्ताव के खिलाफ लामबदं हो चुके सदस्यों ने संख्या बल मजबूत करने में जुटा हुआ है.उन्होने उम्मीद जाहिर की है कि जल्द ही उन्हे अपेक्षित परिणाम मिल जाएगें.
