कार्यकारिणी में जगह पाने जिला अध्यक्षों की परिक्रमा

विंध्य की डायरी

डा0 रवि तिवारी

भाजपा ने जिला अध्यक्षो की घोषणा कर दी है और जिला अध्यक्षो ने कमान भी सम्भाल ली है पर अभी तक कार्यकारिणी नही बनी है. प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के बाद ही कार्यकारिणी का गठन हो पाएगा, कब तक प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होती है कुछ नही कहा जा सकता. हालाकि उम्मीद है कि इसी माह प्रदेश को नया अध्यक्ष मिल जायेगा. जिला कार्यकारिणी को लेकर कई कार्यकर्ता इस समय सक्रिय है और जिला अध्यक्षो की गणेश परिक्रमा कर रहे है. विंध्य में कही भी कार्यकारिणी नही बनी है केवल इंतजार है तो प्रदेश अध्यक्ष के घोषणा होने का. ऐसे में जिला अध्यक्ष के खास बनने और कार्यकारिणी में जगह पाने के लिये कार्यकर्ता बेहद सक्रिय है.

अपने राजनीतिक आकाओ के पास जुगाड़ का गणित बैठा रहे है कि शायद कार्यकारिणी में स्थान मिल जाय. नए अध्यक्ष बनने के बाद कई कार्यकर्ता जो पीछे कतार में खड़े थे वह अचानक फ्रंट लाइन पर आ गये है और यह मानकर चल रहे है कि कार्यकारिणी में उनका स्थान पक्का है. कुछ ऐसे भी है जो जिला अध्यक्षो के पुराने खासमखास है और फ्रंट में आकर बैटिंग कर रहे है. कार्यकारिणी में सांसद-विधायको की चलेगी, अपने पसंद के कार्यकर्ताओ को कार्यकारिणी में स्थान दिलाएंगे. अध्यक्ष से लेकर सांसद-विधायको के यहां कार्यकर्ता बेहद सक्रिय तरीके से अपना जुगाड़ बैठाने में लगे हुए है. अंदर ही अंदर खेमे बाजी भी शुरू हो चुकी है. फिलहाल किसे स्थान मिलेगा, इंतजार करना पड़ेगा.

बेहतर मेडिकल सुविधा के मोहताज

विंध्य मेडिकल हब बनने की ओर भले ही अग्रसर है पर सच्चाई यह है कि गंभीर मरीज को बचाने में कामयाब नही है. सरकारी और निजी अस्पताल के बीच मरीज चक्कर काटता है और जब हालत बिगड़ती है तो महानगर की ओर रूख करना पड़ता है. शायद अभी वह मेडिकल सुविधा और चिकित्सक हमारे पास नही है जो होने चाहिये. गोली लगने से सतना के एक प्रधान आरक्षक को रीवा मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया और जब कोई सुधार नही हुआ तो एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया.

सरकार और प्रशासन की बराबर नजर थी लेकिन जब हालत में कोई सुधार नही हुआ तो एयर लिफ्ट किया गया. सवाल यह उठता है कि पहले यह निर्णय क्यो नही लिया गया, शायद एक जवान की जान बच जाती. दिल्ली में उपचार के दौरान निधन हो गया. कही न कही त्वरित बेहतर उपचार देने में हम उतने काबिल नही हो पाए है. अभी भी बेहतर उपचार के लिये महानगरो पर ही निर्भर है. मेडिकल हब कब बनेगा कुछ नही कहा जा सकता.

सतना के लिए राहत भरी खबर

भारत सरकार ने आयुष्मान योजना लागू की है जिसमें बीमारियो का मुफ्त इलाज होता है. निजी अस्पतालो में इलाज कराने वाले मरीजो को आयुष्मान भारत योजना का लाभ नही मिल रहा था. सतना, मैहर जिले के आयुष्मान कार्ड हितग्राहियो के लिये राहत भरी खबर है. अब इलाज कराने के लिये मरीजो को बाहर नही जाना पड़ेगा. कैंसर, किडनी और हार्ट के मरीजो का इलाज सतना के निजी अस्पतालो में होगा. तीन अस्पतालो को शामिल किया गया है. लंबे समय से मांग उठ रही थी लेकिन प्रक्रिया ठंडी पड़ी थी. इसके लिये सांसद गणेश सिंह और महापौर योगेश ताम्रकार लगातार प्रयास में थे. लिहाजा मेहनत रंग लाई और तीन अस्पतालो को योजना में शामिल किया गया है.

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