इंदौर: आईडीए द्वारा रिंग रोड पर निर्मित शहीद पार्क गले की हड्डी बन गया है. उक्त पार्क नगर निगम को सौंपने के उद्देश्य से बनाया गया था. निगम ने आईडीए द्वारा 10 लाख रुपए देने के ऑफर को ठुकरा दिया और शहीद पार्क लेने से मना कर दिया.आईडीए ने 2017 में तत्कालीन बोर्ड संचालक वीरेंद्र व्यास के प्रस्ताव पर रिंग रोड पर 0.72 हैक्टेयर जमीन पर शहीद पार्क बनाने का काम शुरू किया था.
इसके लिए बोर्ड में 4.85 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई. यह पार्क गैर योजना मद की राशि से निर्मित किया है. उक्त पार्क में इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद आईडीए कल बोर्ड बैठक में शहीद पार्क के रखरखाव स्वयं करने का प्रस्ताव करेगा. इसकी वजह यह यह है कि निगम ने शहीद पार्क लेने से मना कर दिया और उक्त पार्क आईडीए के लिए गले की हड्डी बन गया.
एक नजर में
कहां बनाया – योजना 94 , रिंग रोड सेक्टर – सी में
कितनी जमीन – 0.72 हैक्टेयर
कितनी राशि खर्च- 4 करोड़ 85 लाख रुपए
कब शुरू – 2017 में
बोर्ड संकल्प- मार्च 2018 में
क्या क्या काम किए शहीद पार्क में
– इंडिया गेट
– अमर जवान ज्योति
– स्वागत द्वार
– एग्जीबिशन सेंटर
– एम्फी थिएटर
– बाह्य विद्युतीकरण
