टोल वसूलने के बाद भी सड़क गड्ढो में तब्दील

महीने में लाखों रूपये जमगड़ी एमपीआरडीसी वसूल रहा टोल टैक्स, पैदल चलना भी हुआ दुश्वार, ग्रामीणजन परेशान

नवभारत न्यूज

सिंगरौली 11 मई। गड़ाखाड़ से लेकर रजमिलान, गजरा बहरा, सरई इलाके के मुख्य मार्ग में चलने वाले व्यावसायिक वाहनों से एमपीआरडीसी टोल टैक्स वसूल रहा है। लेकिन सड़को के खस्ता हालत देखकर टोल ट्रैक्स अदा करने वाले वाहन चालकों के अलावा अन्य वाहन चालक भी एमपीआरडीसी अमले को कोसने में अब कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं।

आलम यह है कि बैढ़न मार्ग हो या गजरा बहरा बाजार की सड़क व गड़ाखाड़ बाजार रजमिलन तक जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। बाइक सवारों के लिए तो यह सड़क जानलेवा हो ही चुकी है, पैदल चल पाना भी मुश्किल भरा हो रहा है। इतना ही नहीं, इन सड़कों को बनाने वाली कंपनी एमपीआरडीसी टोल लगाकर कॉमर्शियल वाहनों से टोल टैक्स वसूल कर रहा है। स्थानीय लोगों ने टोल वसूलने वाली कम्पनी एमपीआरडीसी से गड्ढे भरवाने, सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। आवागमन में हो रही समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने कहा कि टोल वसूलने वाली कंपनी एमपीआरडीसी से गड्ढे भरवाये और आवागमन सुरक्षित कराये। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो कोयला परिवहन करने वाले वाहनों को रोक कर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। जिससे होने वाली समस्या व नुकसान की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। कोल परिवहन के कारण गड्ढो में तब्दील सड़क। पानी पड़ने से उखड़ गई डामर सड़क पर लगातार पानी पड़ने के कारण जगह-जगह डामर उखड़ गये हंै। भारी वाहन चलने से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूलने में एमपीआरडीसी कोई कोर कसर नही छोड़ रहा है। फिर रजमिलान से सरई मार्ग के गजरा बहरा, गड़ाखाड़ खस्ताहाल सड़को का मरम्मत कार्य कराने में परहेज क्यों किया जा रहा है। आरोप लगाया जा रहा है कि एमपीआरडीसी के द्वारा टोल टैक्स वूसल के लिए तैनात किये गये ठेकेदार व कर्मचारियों के अलावा जमकर भर्रेशाही भी की जा रही है। जिसके चलते ध्वस्त सड़को का मरम्मत कार्य नही हो पा रहा है। इतना ही नही उक्त सड़क मार्ग की हालत इतनी खराब हो गई है कि बाईक से भी यात्रा करना जोखिम साबित हो रहा है। कई बार खाईनुमा गड्ढों में मोटरसाइकिलो से यात्रा करने वाले मुसाफिर दुर्घटनाग्रस्त भी हो गये हैं। लेकिन बेपरवाह एमपीआरडीसी अमला कुम्भकरण की तरह निद्रा में हैं। इनकी निद्रा कब टूटेगी, यह भी कह पाना मुश्किल है। शायद एमपीआरडीसी का अमला भी किसी बड़े सड़क हादसे के इंतजार में हैं। तभी शायद इनकी नींद टूटेगी।

प्रदूषण से रहवासी परेशान

आरोप है कि यहां क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अमला की ऑख बंद हैं। सूर्या भवन से बाहर निकलना नही चाहते। जिससे इस क्षेत्र में भारी प्रदूषण से लोग परेशान हैं। वाहनों की रफ्तार कम करके चलने, तिरपाल ढंकने से चालक परहेज कर रहे हैं। कंपनियों के लिए कोयला परिवहन कराने वाले लोगों और आम बाजार के व्यवसायियों के बीच तनातनी की स्थितियां निर्मित हो रही हैं। स्थानीय रहवासियों ने जिला प्रशासन का ध्यानाकार्षण कराते हुए सड़कों के गड्ढे समतल कराए जाने की मांग की गई है।

आए दिन हो रही सड़क हादसे

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क में गड्ढो की वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। एमपीआरडीसी टोल नाका में किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ पैसा वसूल रहे हैं। सड़क मेंटेनेंस को लेकर एमपीआरडीसी कंपनी नकार रही है। वहीं कार्यरत कर्मचारी द्वारा आए दिन टोल नाका में निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूली करते और लोगों से लड़ाई-झगड़ा करते नजर आते हैं। जिसकी शिकायत जिम्मेदार अधिकारी से करने के बावजूद भी समस्या का हल नहीं हुआ।

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