
दमोह। जिला स्तरीय लोक अदालत में प्रधान सत्र न्यायाधीश पीसी गुप्ता और कुटुंब न्यायालय प्रधान न्यायाधीश मो. अजहर की उपस्थिति में चार जोड़ों ने अपने विवाद सुलझाए और एक साथ रहने का निर्णय लिया। अनीता और रोहित ने पारिवारिक मतभेदों को खत्म कर नवजात मयंक के साथ नया जीवन शुरू किया। आयाश और शहजाद ने भरण पोषण मामले में सुलह की और साथ रहने पर सहमति जताई। शागिदा और रुपू ने बच्चों की खातिर समझौता कर परिवार जोड़ा, जबकि पांच साल से अलग रह रहे वरिष्ठ जोड़े बल्लू और राशि ने भी सुलह कर एक साथ रहने का वादा किया। लोक अदालत में समझौता कराने में अधिवक्ताओं और सुलहकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
