
जबलपुर। छटवीं बटालियन एसएएफ में हुए करोड़ो का घोटाला की जांच पड़ताल चल रही है। बटालियन की टीए (ट्रेवल एलाउंस) शाखा में टीए बिलों के नाम पर करोड़ो रुपए अपने बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करवाने वाले जवानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। प्रारंभिक जांच के बाद मामले में दो जवान दोषी पाए जा चुके है जिनमें से एक आत्महत्या कर चुका है जबकि दूसरा फरार है। इसके अलावा इस घोटालें में कई नए चेहरे भी बेनकाब हो सकते है। दरअसल करोड़ों के ट्रैवलिंग अलाउंस घोटाले की जांच में कई जांच के घेरे में आ चुके है। जिनको लेकर गोपनीय तरीके से जांच जारी है।
20 से अधिक खाते हो चुके हैं फ्रीज
टीए शाखा में पिछले पांच सालों से पदस्थ अधिकारी और जवान अलग-अलग मदों और कार्यो के नाम पर रुपए निकाल रहे थे। यह राशि सीधे वे अपने बैंक एकाउंट में टांसफर कर लेते थे। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो मामले में जांच टीम गठित की गई है। सूत्रों की माने तो इस मामले में अब तक 20 से अधिक जवानों के खाते फ्रीज किए जा चुके है। इन खातों में लाखों रूपए मिले है। जवानों के इन खातों में सैलरी की तुलना में कई गुना ज्यादा रकम मिली है।
7 साल की नौकरी में 55 लाख कराए ट्रांसफर
सूत्र बताते है कि जांच टीम ने जब पुलिस जवान अभिषेक झारिया की बैंंक संबंधित जानकारी खंगाली और ट्रांजेक्शन का ब्यौरा जुटाया तो खाते में बिलों के जरिए 55 लाख रुपए ट्रांसफर कराये जा चुके थे। जबकि उसकी नौकरी को सात साल पूरे हो चुके है। सात साल का वेतन और एरियर मिलाकर भी कुल रकम 26 लाख से ज्यादा नहीं हो रही है। अभिषेक ने 12 नवम्बर को शोभापुर रेल पटरियो पर ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। 14 नवम्बर को उसकी पहचान हुई थी।
अधिकारियों, कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका, बढ़ रही घपलेबाजों की संख्या
इस घोटले में कई अधिकारियो और कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। शाखा में तैनात मदन महल निवासी आरक्षक अभिषेक झारिया और एक अन्य को पूर्व में निलम्बित किया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक इस घोटालों में शामिल जवानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि विभागीय जांच के चलते अधिकारी मामले मेें जानकारी देने से बच रहे है। अब तक की जांच में 20 से अधिक आरक्षक और प्रधान आरक्षक घेरे में आ चुके है।
इनका कहना है
बटालियन के टीए सेक्शन में वित्तिय अनियमितताएं मामले की जांच चल रही है। पूर्व में कुछ खाते सीज किए गए थे। विस्तृत जांच जारी है जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है । इसमें कितने लोग शामिल है घोटाला कितने का है समेत अन्य बिन्दुओं पर जांच जारी है।
सिद्धार्थ चौधरी, कमांडेंट, एसएएफ
