इंदौर: इंदौर नगर निगम कचरे से मिले कपड़े का पीपीपी मॉडल द्वारा पुनः उपयोग करेगा. इसके लिए एकत्रित खराब कपड़े को पीपीपी मॉडल द्वारा 3 आर (रिड्यूस, रियूज़, रीसायकल) से नवाचार किया जाएगा । आपदा प्रबंधन सेल गठित करने,यशवंत सागर तालाब के किसानों को मुआवजा देने, सिटी बस में यात्रियों के पास में खर्च की पूर्ति निगम द्वारा,डिवाइडर के ग्रीन बेल्ट और बगीचों को सामाजिक संस्थाओं को देने, शहर में पटरी वाले ठेले गुमटी व्यापारियों को सर्वे कर पहचान पत्र देने जैसे निर्णय लिए गए हैं.
प्राकृतिक आपदाओं भूकंप, बाढ़, आग, युद्ध से निपटने के लिए नगर निगम में एक आपदा प्रबंधन सेल के गठन की घोषणा की. इसके अंतर्गत प्रत्येक वार्ड में 8–10 आपदा मित्र नियुक्त किए जाएंगे. शहर में रेहड़ी-पटरी व ठेला व्यापारियों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सर्वेक्षण होगा. सभी को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं परिचय पत्र जारी करने पर सहमति बनी. साथ ही उनके परमानेंट डाटा बेस निर्माण की नियम तय किए है.
इसके लिए नियुक्त एजेंसी को तय सीमा में नगर निगम को सर्वे कर जानकारी देना है.उधर,प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत ग्राम सिंदोडा में 1000 से अधिक आवासों निर्माण के लिए डीपीआर बनाने की स्वीकृति दी गई.इधर,विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं रैग पिकर्स को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन रियायती मासिक पास की सुविधा हेतु खर्च की पूर्ति का निर्णय लिया गया। जबकि अरावली परिसर और दुधिया देवगुराडिया स्थित शिवालिक परिसर में बनाई दुकानों को बेचने पर सहमति दी गई.
