
नेपानगर।पिछले कुछ दिनों से अंधारवाड़ी क्षेत्र में किसान पिंजरा लगाने की मांग कर रहे थे। वन विभाग ने यह मांग पूरी तो कर दी है, लेकिन पिंजरे में शिकार नहीं रखा गया है जबकि इसमें शिकार रखा जाना आवश्यक है।
गौरतलब है कि अंधारवाड़ी में लगातार 15.20 दिनों से किसी न किसी दिन ग्रामीणों को कहीं न कहीं तेंदुआ नजर आ रहा था। कईं बार पगमार्क भी मिले थे। ग्रामीणों क कहना था कि उसके साथ दो शावक भी है, लेकिन वन विभाग पिंजरा लगाने में सावधानी बरत रहा था। अब जाकर सोमवार शाम पिंजरा लगाया गयाए लेकिन इसमें शिकार नहीं रखा गया। लोगों का कहना है कि शिकार रखे बिना पिंजरा रखना केवल एक औपचारिकता ही साबित हो सकता है।
कईं बार मिले थे पगमार्क
अंधारवाड़ी क्षेत्र में पिछले 20 दिनों के भीतर कईं बार तेंदुएए शावकों के पगमार्क मिले थे। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में घूमकर लोगों को समझाईश दी जा रही थी कि वह खेतों में अकेले न जाएं, लेकिन इधर खेत मजदूरों ने खेत मालिकों को कह दिया था कि वह जान जोखिम में डालकर काम नहीं करेंगे। इसे देखते हुए लगातार पिंजरा लगाने की मांग की जा रही थी। अब यहां पिंजरा तो लगा दिया है, लेकिन तेंदुए के फंसने का इंतजार है।
