नयी दिल्ली 07 मई (वार्ता) भारत के जलवायु वित्त वर्गीकरण को विकसित करने के लिए आम बजट 2024-25 की घोषणा के अनुरूप में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने प्रारूप ढांचे पर विशेषज्ञ/जनता की 25 जून 2025 तक टिप्पणियाँ आमंत्रित की हैं।
वित्त मंत्रालय ने आज यहां जारी बयान में कहा कि वित्त मंत्री ने आम बजट 2025-26 में घोषणा की थी “ हम जलवायु अनुकूलन और शमन के लिए पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जलवायु वित्त के लिए एक वर्गीकरण विकसित करेंगे। यह देश की जलवायु प्रतिबद्धताओं और हरित संक्रमण की प्राप्ति में सहायता करेगा।”
इस घोषणा के अनुसरण में जलवायु वित्त वर्गीकरण का एक प्रारूप ढांचा विकसित किया गया है। यह ढांचा दृष्टिकोण, उद्देश्यों और सिद्धांतों को रेखांकित करता है जो वर्गीकरण का मार्गदर्शन करेंगे। यह भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं में योगदान देने वाली गतिविधियों, परियोजनाओं और उपायों को वर्गीकृत करने की कार्यप्रणाली का भी विवरण देता है, साथ ही 2047 तक विकसित भारत को प्राप्त करने से जुड़े लक्ष्यों को भी ध्यान में रखता है।
मसौदा ढांचा क्षेत्रीय अनुलग्नकों को विकसित करने का आधार होगा। क्षेत्रीय अनुलग्नक जलवायु-समर्थक माने जाने वाले उपायों, गतिविधियों और परियोजनाओं और संक्रमण को बढ़ावा देने के लिए पहचाने जाने वाले उपायों की रूपरेखा तैयार करेंगे।
भारत के जलवायु वित्त वर्गीकरण का उद्देश्य जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकियों और गतिविधियों के लिए अधिक संसाधन प्रवाह को सुविधाजनक बनाना है, जिससे देश 2070 तक नेट ज़ीरो होने के लक्ष्य को प्राप्त कर सके और साथ ही विश्वसनीय और सस्ती ऊर्जा तक दीर्घकालिक पहुँच सुनिश्चित कर सके। जलवायु वित्त वर्गीकरण देश के जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों और संक्रमण मार्ग के अनुरूप गतिविधियों की पहचान करने के लिए एक उपकरण के रूप में काम करेगा।
