
जबलपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य शिवकुमार सिंग व एक्सपर्ट मेम्बर डॉ. अफरोज अहमद की युगलपीठ ने प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल की जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्य शासन को तीन सप्ताह की मोहलत दी गई है।
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच जबलपुर के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे व सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव की अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। अधिवक्ता प्रभात यादव ने दलील दी कि प्रदेश के कई शहरों में विशेषत: जबलपुर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर व उज्जैन में फर्जी ग्रीन पटाखे व प्रतिबंधित पटाखे धड़ल्ले से फोड़े जा रहे हैं। दीवाली की रात दो बजे तक पटाखे फोड़े गए थे। इसके चलते वायु गुणवत्ता इंडैक्स खतरनाक स्थिति में पहुंच गया था। एनजीटी के निर्देश पर राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को आदेश दिया था कि पटाखों की जांच करें। लेकिन न तो एनजीटी और न ही सरकार के आदेश का समुचित परिपालन सुनिश्चित हुआ। इस वजह से वायु व ध्वनि प्रदूषण पर ठोस अंकुश नदारद रहा। जब देखो तक पटाखे फोड़ वातावरण को जहरीला बना दिया जाता है।
