आधे शहर में पानी के लिए हाहाकार, निगम के दावे फेल

जबलपुर: रमनगरा की दोनों मेन राइजिंग लाइन में लीकेज होने के बाद आधे शहर में जलसंकट व्याप्त हो गया है। अधिकांश जगह सुबह से लोग हाथों में डिब्बे, केन लेकर पानी के लिए भटकते देखे गए। हालांकि निगम द्वारा कई दावे किए जा रहे हैं कि पानी के टैंकरों से जलापूर्ति पूरी की जा रही है लेकिन धरातल पर आधे शहर के अधिकांश लोगों ने नवभारत से कहा कि धरातल पर जलापूर्ति के सारे दावे धरे की धरे ही हैं और उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार रमनगरा की दोनों मेन राइजिंग लाइन का सुधार कार्य चल रहा है जिसमें करीब 3 से 4 दिन और लगने की संभावनाएं हैं।

निगम के जल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम को राइजिंग लाइन की फाइनल टेस्टिंग की जाएगी जिसके बाद गुरूवार से यथावत पानी आने लगेगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि जलसंकट के बीच इतने दिन आधे शहर के रहवासी कैसे काटेंगे। विदित हो कि दो दिन पहले स्टेट पी.डब्लू.डी. के द्वारा मेडिकल से तिलवारा मार्ग पर सड़क के किनारे खुदाई के दौरान विभाग के ठेकेदार द्वारा लगाई गई जेसीबी मशीन के द्वारा नगर निगम की पाइप लाइन तोड़ दी गई थी जिसके बाद से जलसंकट व्याप्त हो गया था।
इन क्षेत्रों के रहवासी हो रहे हलाकान
रमनगरा प्लांट की मेन राइजिंग लाइन फूटने से शहर की करीब 20 टंकियां नहीं भरीं जा रहीं हैं जिसके कारण उपनगरीय क्षेत्र गढ़ा, मेडिकल, अधारताल, विजयनगर, शताब्दीपुरम, मदर टेरेसा नगर, मोती नाला, आनंद नगर, रामेश्वरम कॉलोनी कंचनपुर, सर्वोदय नगर दमोह नाका, कोतवाली का इलाका जलापूर्ति से बहुत प्रभावित हो रहा है।
नगर निगम के पास खुद के हैं सिर्फ 24 टैंकर
जानकारी के अनुसार नगर निगम के पास 24 टैंकर हैं और इन्हीं के भरोसे पूरा शहर है। जबलपुर में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नगर निगम प्राईवेट टैंकर वालों से संपर्क कर रहा है जिससे जलापूर्ति प्रभावित न हो। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
लोगों ने कहा.. नहीं मिल रहा पानी का टैंकर
रमनगरा की दोनों मेन राइजिंग लाइन में लीकेज होने से वैसे तो आधे शहर के लोग प्रभावित हैं लेकिन इसी क्रम में शहर के उन घरों के लोग और बुरी तरह प्रभावित हैं जिनके घरों में मांगलिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। ऐसे में लोग सारे काम छोड़कर सिर्फ पानी के जुगाड़ में इधर उधर भटक रहे हैं। उधर नगर का जल विभाग का अमला जरूर टैंकरों के माध्यम से लोगों को जलापूर्ति करने का दावा कर रहा है लेकिन अधिकांश क्षेत्रों के रहवासियों द्वारा नवभारत को जो हकीकत बताई जा रही है उससे तो नगर निगम के तमाम दावे झूठे साबित हो रहे हैं क्योंकि धरातल पर पानी लोगों के घरों तक टैंकरों के माध्यम से पहुंच ही नहीं पा रहा है। लोगों का कहना है उन लोगों को पानी का टैंकर ढूंढे नहीं मिल रहा है।

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