नयी दिल्ली 05 मई (वार्ता) वित्त मंत्रालय ने देर शाम स्पष्ट किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अध्यक्ष मासातो कांडा के साथ सोमवार को यहां मुलाकात के दौरान पाकिस्तान को दिए जाने वाले फंड में कमी करने की मांग से जुड़ी खबरे सही नहीं है और यह तथ्य पर आधारित नहीं है।
इससे पहले सूत्रों ने कहा था कि श्रीमती सीतारमण ने श्री कांडा के साथ बैठक में पाकिस्तान की फंडिंग में कमी लाने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी कहा गया था कि श्रीमती सीतारमण ने इटली के वित्त मंत्री जियानकार्लो जियोर्जेटी के समक्ष भी यही मांग उठाई लेकिन देर शाम मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुये कहा कि इस तरह की खबर सही नहीं है और यह तथ्य पर आधारित नहीं है।
श्री कांडा के साथ बैठक के दौरान श्रीमती सीतारमण ने कहा कि भारत निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाली आर्थिक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी), कॉर्पोरेट कर दर में कमी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कार्यान्वयन, उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई), राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी), गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और स्टार्टअप इंडिया जैसी साहसिक पहलों के माध्यम से लगातार अनुकूल नीति और नियामक पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है, ताकि व्यापार करने में अधिक आसानी हो।
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत एडीबी को नए, अभिनव वित्तपोषण उत्पादों और मॉडलों को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान करता है।
श्री कांडा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से निर्देशित भारत की विकास प्राथमिकताओं के लिए एडीबी के पूर्ण समर्थन का अश्वासन दिया।
