इंदौर:तीन इमली बस स्टैंड के नज़दीक त्रिवेणी नगर में सैकड़ों बाधित मकान को विकास प्राधिकरण द्वारा हटाया गया था और तकरीबन 200 परिवारों को तीन इमली बस स्टैंड के पास प्लाट दिए गए. जहां सभी अपने कच्चे, पक्के मकान निर्माण कर गुजर बसर करने लगे थे लेकिन अभी तक इनको इनके मकान के दस्तावेज बनाकर नहीं दिए गए.
पिछले कई वर्षों से अनेकों बार यहां के रहवासियों ने विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए अपने मकान के दस्तावेज़ देने की मांग रखी गई लेकिन हमेशा अधिकारियों द्वार टालमटोल की गई. अब 32 वर्ष बाद फिर से इन रहवासियों को अपने आशियाने छिन जाने का डर सता रहा है क्योंकि पिछले कुछ वर्ष पहले तीन इमली चौराहा पर विशाल ब्रिज का निर्माण किया गया. इसी के साथ सर्विस रोड का निर्माण होना बाकी था जिसके लिए उन बाधित मकानों को चिन्हित किया जा रहा है जिन्हें विकास प्राधिकरण द्वारा शिफ्ट करवा कर यहां बसाया था.
इनका कहना है
32 वर्ष पहले रिंग रोड का सर्विस रोड निर्माण के लिए मकान हटाकर हमें यहां प्लाट दिए गए. पूर्व के मकान के दस्तावेज हमारे पास हैं लेकिन नए दिए गए प्लेटों के दस्तावेज अभी तक अधिकारियों ने नहीं दिए.
गिरधारी प्रजापत
रिंग रोड के उस तरफ से हटा कर हमें इस तरफ बसाया गया. दस्तावेज नहीं होने से भविष्य की चिंता सता रही है क्योंकि हमारे बच्चों की संपत्ति अधर में रहेगी इसलिए हम अपने घरों के दस्तावेज चाहते है.
जैकी पंचोली
पूरी जिंदगी की पूंजी इस मकान में लगा दी है. अगर यहां से भी हटा दिया जाए तो हम कहां जाएंगे. कोरी पर्ची पर स्लिप बना कर दी थी हमेशा दस्तावेज मांगते हैं तो आश्वासन देकर टाल देते हैं.
कृष्ण कुमार खेड़े
