इंदौर में बारिश और तूफान से पूरा शहर तहस नहस, पेड़ ,होर्डिंग्स और साइन बोर्ड धराशाई

इंदौर। आज दोपहर 3 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। उसके बाद बूंदा बांदी के साथ तेज हवाओं ने आंधी तूफान का रूप धारण कर लिया। आशी तूफान के के साथ बारिश ने रोंद्र रूप धारण कर पूरे शहर को तहस नहस कर दिया। स्थिति यह हो गई कि जो जहां था वहीं ठहर गया। इस दौरान बिजली , नगर निगम और ट्रैफिक व्यवस्था की पूरी पोल खुल गई।

आज शाम शहर में बारिश और तूफान ने तांडव मचा दिया। शहर का ऐसा कोई कोना नही बचा , जहां पानी भरने, बिजली गुल और यातायात जाम नहीं है। शहर में हर तरफ अंधाधुंध बिजली गड़गड़ाहट के साथ बारिश हुई।

शहर में एक बार फिर नगर निगम के स्ट्रॉम वॉटर और ड्रेनेज लाइन पोल खुल गई। ऐसी कोई सड़क नही जिस पानी नही भराया। ऐसा कोई कोई इलाका नही , जिस पर मुख्य मार्ग पर पेड़ नहीं गिरे हो। रणजीत हनुमान और जीडीसी कॉलेज के सामने बड़े बड़े पेड़ धराशाई हो गए। निगम बिजली पोल गिर पड़े और कई स्थानों पर तिरछे हो गए। जिन स्थानों पर पानी भरने की समस्या खत्म होने का निगम ने दावा किया , उन सभी स्थानों पर जल जमाव आज भी हुआ। फिर वो पालदा क्षेत्र हो, कलेक्टर चौराहा, महूनाका चौराहा, बियाबानी मेन रोड, सपना संगीता रोड, मालवा मिल, रेस कोर्स रोड, रीगल और मधुमिलन से लेकर गंगवाल चौराहा हो, सब पानी डूबे हुए नजर आए।

इसी तरह बिजली विभाग की भी पोल खुल गई। हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर बारिश पूर्व मेंटेनेंस किया जाता है। एक तूफान और बारिश में पूरे शहर में बिजली गुल पड़ी है और वो घंटो से बंद है लाइट। करीब 5.30 बजे से लाइट गई हुई है पूरे शहर में। कोई कोना ऐसा नही जहा बत्ती गुल नही है।

यातायात का आलम तो और भी बुरा हो जाता है , जब ऐसे तूफान और बारिश आती है। पूरा शहर लावारिस हो जाता है और वाहन चालक घंटो फंसे रहते है। सिवाय हॉर्न बजाने के कोई चारा नहीं रहता है। ट्रैफिक पुलिस आपदा में गायब हो जाती है और सारे चौराहों पर यातायात अस्त व्यस्त होकर जाम का रूप धारण कर लेता है।

तूफान की गति लगभग 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा

शहर में आंधी तूफान की गति करीब 60 से 80 किलोमीटर तक थी। तूफान और बारिश के वेग में कई मुख्य मार्गो पर पेड़ गिर पड़े। हालत यह हो गई है कि साथ में बिजली के तार टूट गए। हालत बेकाबू हो गए और होर्डिंग और दूकानों के साइन बोर्ड तो ऐसे गिरे कि जैसे अस्थाई तौर पर लगाएं गए हो।

बारिश और तूफान के वेग में पूरा शहर तहस नहस हो गया। हालत इतने बेकाबू हो गए कि निगम के अमले सड़कों पर उतर गए और महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त शिवम वर्मा ने मोर्चा संभाला और सभी अधिकारियों को क्षेत्र में व्यवस्थाएं सुलभ करने के निर्देश दिए।

खबर लिखे जाने तक पूरे शहर की बिजली गुल हुए करीब टी घंटे से भी ज्यादा समय बीत चुका था। निगम का अमला सड़कों पर गिरे पेड़ काट कर रास्ता खोलने में जुट गया था। यातायात तो भगवान भरोसे ही चल रहा था।

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