
सुसनेर।कर्नाटक के रायचूर जिले की 25 वर्षीय मंजुला नेगीमुका भ्रष्टाचार और महिला हिंसा के खिलाफ दिल्ली तक पैदल यात्रा कर रही हैं. उन्होंने 25 मार्च को अपने गांव बेडणि से यात्रा शुरू की थी.
30 दिन में 1232 किलोमीटर की दूरी तय कर वे मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते हुए शहर पहुंची. भीषण गर्मी में पैदल चलती मंजुला को देख स्थानीय लोगों ने उन्हें विश्राम करने का आग्रह किया. मंजुला का कहना है कि देश में बढ़ते भ्रष्टाचार और महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए कड़े कानून की जरूरत है. वे डेढ़ महीने में दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहती हैं. उनकी इच्छा पीएम को एक विनती पत्र सौंपने की है. मंजुला का मानना है कि कड़े कानून से न केवल महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी, बल्कि पूरी दुनिया में भारत की एक अलग पहचान बनेगी.
सुसनेर में किया अभिनंदन
मंजुला सुसनेर से होकर दिल्ली की यात्रा जारी रखेंगी. उनकी यह पहल समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ एक साहसिक कदम है. मंजुला के सुसनेर पहुंचने पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा के पार्षद प्रदीप सोनी तथा भाजपा मंडल महामंत्री व पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा के द्वारा मंजुला का अभिनंदन कर उनके द्वारा महिला हिंसा के खिलाफ की जा रही इस पद यात्रा की सहारहना की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.
