उज्जैन:महाकाल मंदिर के आस-पास के विकास के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिकाएँ आड़े आ रही है,इनसे जिला प्रशासन को राहत नहीं मिल सकी है। नतीजतन अवैध निर्माण और अतिक्रमण नहीं हट रहे हैं।इधर,महाकालेश्वर मंदिर के ठीक सामने परचुरे भवन का मसला हल नहीं हो पा रहा. हालात यह है कि उक्त भवन गिराऊ श्रेणी में पहुंच गया है. नगर निगम ने बोर्ड भी लगा रखा है कि यह कभी भी गिर सकता है. 24 घंटे हजारों श्रद्धालु मकान के आसपास से निकलते हैं. कोर्ट में कैसे होने की वजह से यह मकान तोडा नहीं जा सका है.
नए निर्माण की अनुमति पर प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल मंदिर को लेकर जो निर्देश दिए थे, वे अब भी जारी है. महाकाल मंदिर के 500 मीटर परिधि में अतिक्रमण हटाने के साथ नव निर्माण पर रोक लगाने के आदेश है. कोर्ट के इस निर्देश पर नगर निगम अब क्षेत्र में भवन निर्माण की अनुमति नहीं देता है.
इनका कहना है
तारीखों का दौर चल रहा है. कभी हाई कोर्ट तो कभी सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता है. दिल्ली भी कई बार गए, अभी सफलता नहीं मिली है। टेबल पर फाइल आएगी तो सुनवाई होगी. हालांकि जिला प्रशासन और महाकाल मंदिर समिति द्वारा म
