सतना: जिले के कोठी थाने के बैरक में घुसकर प्रधान आरक्षक के सीने में गोली मारने वाले आरोपी की पहचान करते हुए उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रु का ईनाम घोषित कर दिया गया. आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस की 12 टीमें उतारी गई हैं. वहीं गोली लगने से घायल प्र. आ. का उपचार मेडिकल कॉलेज रीवा में जारी है. कोठी थाने के बैरक में उस वक्त हडक़ंप मच गया जब गोली चलने की आवाज सुनाई दी.
भागकर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के यह देखकर होश उड़ गए जब उन्होंने प्रधान आरक्षक प्रिंस गर्ग को नीचे गिरे देखा. प्रिंस के सीने पर गोली लगने का निशान साफ नजर आ रहा था. पुलिसकर्मियों ने फौरन ही घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को देते हुए घायल प्र.आ. को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया. इधर,आईजी द्वारा प्र.आ. को गोली मारने वाले आरोपी आदर्श उर्फ अच्छू शर्मा पिता विवेक उम्र 20 वर्ष निवासी मेहुती कोटर और हाल निवासी संतोष बिहार कालोनी सतना की गिरफ्तारी पर 30 हजार रु का ईनाम घोषित कर दिया गया. वहीं एसपी की निगरानी में गठित दर्जन भर पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं.
आवाज लगाई और कर दिया फायर
घटना के संबंध में जो जानकारी निकलकर आई उसके अनुसार कोठी थाने में तैनात प्र. आ. प्रिंस गौतम रात के समय अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद बैरक में भोजन करने जा रहे थे. रात के सवा 12 बजे बाहर से किसी ने आवाज लगाई. प्र.आ. ने देखा कि मुंह पर पकड़ा बांधे एक युवक खड़ा है. लेकिन इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते सामने खड़े युवक ने कट्टा तानते हुए फायर कर दिया. कट्टे से चली गोली सीधे प्र. आ. के सीने पर लगी. जिसके फौरन बाद ही युवक वहां से भाग निकला.
सेना से सेवानिवृत्त हैं पिता
परिजनों के जरिए जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार आरोपी अच्छू मानसिक तौर पर सनकी है. पिता भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं. लेकिन अपने बेटे की करतूतों की वजह से वे सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद पुलिस की नौकरी नहीं कर पाए. महज 3 दिन पहले आरोपी ने अपनी ही दादी के घर में आग लगा दी थी. आरोपी के डर से परिजन घर के बाहर ताला लगवा कर अंदर रहते हैं.
लगभग 6 महीने पहले आरोपी ने जैतवारा स्थित एक पेट्रोल पंप पर धमकाते हुए सिगरेट जलाकर वहां पर पेट्रोल फैला दिया था. नई बस्ती चार मंदिर के निकट और महुआ बस्ती के कुछ नशेडिय़ों के समूह के आरोपी का उठना-बैठना बताया गया. वहीं प्र.आ. को गोली मारने के पीछे का कारण यह बताया गया कि पुलिस द्वारा की जा रही वाहनों की जांच के दौरान अच्छू के पास बाइक के कागज नहीं थे. लिहाजा प्र.आ. द्वारा आरोपी अच्छू का वाहन खड़ा करा लिया गया था. जिसके चलते वह काफी नाराज था
