नयी दिल्ली 28 अप्रैल (वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ की बुआई से पहले किसान जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान करते हुए कहा है कि प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
श्री चौहान ने सोमवार को यहां देशभर के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) से ऑनलाइन संवाद करते हुए कहा कि खरीफ की बुआई से पहले सभी केंद्रों और संबंधित संस्थानों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसान जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
संवाद कार्यक्रम में सभी केंद्रों के प्रयासों, भूमिका और भावी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
संवाद में देशभर के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रमुखों के साथ ही कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए। जोधपुर, हैदराबाद, पटना, जबलपुर के अलावा मंडी, नंदूरबार, खुर्दा , मोरीगांव और लक्षद्वीप के किसान विकास केंद्र के प्रमुखों ने संवाद में सक्रिय भागीदारी की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कृषि व्यापक क्षेत्र है। प्रत्यक्ष रूप से लगभग 45 प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा कृषि क्षेत्र से ही आता है। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रशिक्षण और जागरुकता से किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने खाद्यान उत्पादन के लिए बेहतर बीजों, नए शोध, नई तकनीकों के प्रयोग पर बल दिया और मॉडल फार्म बनाने और नए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से भी किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ के लिए और अधिक प्रभावशाली रूप से भूमिका निभाने की आवश्यकता है। कम से कम पानी में अधिक से अधिक खेती की कोशिश होना चाहिए।
