
जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकलपीठ ने एक याचिका का इस निर्देश के साथ पटाक्षेप कर दिया कि याचिका कर्ताओं के दस्तावेजों का परीक्षण कर नियुक्ति पर विचार करें। याचिकाकर्ता तहसील जवा जिला रीवा निवासी नंद कुमार द्विवेदी, सच्चिदानंद मिश्र, प्रभाकर सिंह व कल्पना द्विवेदी की ओर से पक्ष रखा गया।
आवेदकों की ओर से दलील दी गई कि जनपद पंचायत जवा ने 1998 में शिक्षा कर्मी की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ताओं ने आवेदन किया था। पात्र होने के बावजूद जनपद पंचायत, सीइओ ने रिश्वत की मांग की। रिश्वत न देने पर अपेक्षाकृत कम अंक पाने वालों को नियुक्ति दे दी गई। जबकि याचिकाकर्ताओं का हक मार लिया गया। बाद में शिकायत होने पर रिश्वत कांड व गड़बड़ी के आरोपियों को सजा सुना दी गई। इसके बावजूद याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसीलिए हाईकोर्ट की शरण ली गई है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
