उज्जैन: सिंहस्थ की अवधारणा सिर्फ स्नान पर आधारित है, शिप्रा का जल सदैव निर्मल रहे, इसी के तहत स्थाई कुंभ नगरी का प्रोजेक्ट लाया जा रहा है. जिसको लेकर एक डॉक्यूमेंट्री जल्द ही रिलीज होगी.
डॉक्यूमेंट्री में दिखेगी परियोजना
स्थाई कुंभ नगरी कैसी बनेगी, क्या इसका स्वरूप होगा, किसानों से जमीन लैंड पुलिंग योजना के तहत लिए जाने के बाद किस तरह से विकास प्राधिकरण यहां पर योजना को आकर देगा, कितने बगीचे बनेंगे, किस प्रकार से आश्रम स्कूल अस्पताल और कमर्शियल एरिया डेवलप किया जाएगा और क्या फायदे किसानों को मिलेंगे, साथ ही सिंहस्थ महाकुंभ किस तरह से उक्त परियोजना के तहत किया जाएगा इन सब को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री तैयार की जा रही है, जो जल्द ही प्रदर्शित की जाएगी.
इस बार सिंहस्थ 2028 की तैयारी पक्के निर्माण के तहत की जा रही है, जिसमें सारा सीवरेज सिस्टम, इलेक्टि्रकल सिस्टम,वाटर सिस्टम , अंडरग्राउंड रहेगा और शिप्रा नदी के पावन निर्मल जल से श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाएगा. इसके लिए सेवर खेड़ी -सिलर खेड़ी डैम में वर्षा का पानी एकत्रित कर जल द्वार के माध्यम से शिप्रा नदी में छोड़ा जाएगा. यही कारण है कि लैंड पुलिंग योजना के तहत स्थाई कुंभ नगरी को आकार दिया जा रहा है.
