हिंदू कॉलेज, दिल्ली ने स्थापित किया पब्लिक पालिसी लैब

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में, हिंदू कॉलेज देश का ऐसा पहला उच्च शिक्षा संस्थान बन गया है जिसने अपने परिसर में एक पब्लिक पॉलिसी लैब की स्थापना की है। इस लैब का औपचारिक उद्घाटन नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने गुरुवार को परिसर में किया, जिससे स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए नीति-चिंतन और अनुसंधान को आकार देने के लिए एक व्यापक प्रयास का संकेत मिला। इस पहल को सैद्धांतिक और शासन विज्ञान के बीच एक सेतु बताया गया है,

श्री सुब्रह्मण्यम ने इस लैब को भारत के 30 लाख करोड़ डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा में एक मील का पत्थर बताया और कहा कि हिंदू कॉलेज जैसे नवाचारी शैक्षिक संस्थान भविष्य की सुशासन प्रक्रिया के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा, “ जैसे-जैसे भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, हमें ऐसे ज्ञान संस्थानों की आवश्यकता है जो केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि नवाचार भी करें। यह लैब हिंदू कॉलेज को भारत की नीति चर्चा के केंद्र में स्थापित करेगी।”

यह लैब इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के समर्थन से स्थापित की गयी है। यह लैब नीति-निर्माण की वास्तविक दुनिया की सिमुलेशन, व्यावहारिक अनुसंधान और जमीनी स्तर की समझ का एक केंद्र बनेगी, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘ज्ञान के निर्माण और केंद्रितकरण’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

आईआरएफसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंघल ने कहा, “ यह लैब केवल एक नीति संस्थान नहीं है, बल्कि एक जीवंत विचार है, जो ‘नये भारत’ की प्रधानमंत्री की कल्पना को साकार कर रहा है। हिंदू कॉलेज के साथ हमारी साझेदारी भविष्य के नीति-निर्माण में एक अनूठा योगदान है। ”

कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. अंजु श्रीवास्तव ने इस अवसर को ‘हिंदू कॉलेज और दिल्ली शहर के लिए एक ऐतिहासिक शैक्षिक उपलब्धि’ करार दिया। उन्होंने कहा, “ यह पब्लिक पॉलिसी लैब नयी शिक्षा नीति में वर्णित बहु-विषयक सीखने के आह्वान के सार्थक रूप में स्थापित की गई है। हम अनुसंधान और नीति निर्माण के समन्वय से एक राष्ट्रीय शैक्षिक मॉडल के निर्माण में नेतृत्व कर रहे हैं। ”

लैब ने पहले ही अपना प्रमुख कार्यक्रम ‘पब्लिक पॉलिसी इन एक्शन’ शुरू कर दिया है, जो एक स्ट्रक्चर्ड कोर्स है और ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके साथ-साथ राष्ट्रीय कार्यशालाएं, शैक्षिक एक्सचेंज कार्यक्रम और नीति फैलोशिप योजनायें भी प्रस्तावित हैं, जिनमें भारत और विदेशों से भागीदारी आमंत्रित की जाएगी।

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के प्रो. बी. वेंकरेश कुमार, जो लैब के मेंबर हैं, ने इसे ‘एविडेंस-बेस्ड गवर्नेंस के लिये एक इकोसिस्टम’ बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थागत मॉडल समय से आ रही शैक्षिक चुनौतियों और नीति-निर्माण के बीच की दूरी को पार कर सकेंगे। जैसे-जैसे दिल्ली ज्ञान-आधारित नवाचार का केंद्र बन रहा है, हिंदू कॉलेज की यह पहल देश के अन्य शैक्षिक संस्थानों के लिए एक मॉडल के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है।

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