पौने दो करोड़ का फायर सिस्टम भी नहीं बुझा पाया मुरैना अस्पताल की आग

मुरैना। जिला अस्पताल में बुधवार शाम लगी आग में एक मरीज की मौत हो गई। अब यह बात उजागर हुई है कि विभाग ने आग रोकने के लिए जो ऑटोमैटिक फायर एक्सटिंगशर लगाया था वह हादसे के वक्त बंद था। अगर यह चालू होता तो आग पर काबू पाया जा सकता था। लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपए कीमती एक्सटिंगशर तीन महीने पहले मिला था। उसके बावजूद काम नहीं कर सका, जबकि इसको लगाने का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आग लगने पर मरीजों व अस्पताल प्रबंधन को अलर्ट कर आग बुझाना था।

ऑटोमैटिक फायर एक्सटिंगशर सिस्टम को लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से टेंडर निकाले गए थे। एक विदेशी फर्म को इसका टेन्डर मिला था। इसका काम पूरा होने के बाद निर्माता कंपनी ने इसे सिविल सर्जन जिला अस्पताल मुरैना को हैंडओवर करने से पहले इसे चालू करके इसका डेमोस्ट्रेशन भी दिखाया था। लेकिन कल आग लगने के वक्त यह काम नहीं कर सका।

जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में मौजूद आपरेशन थियेटर में आग लगते वक्त यह ऑटोमैटिक फायर एक्सटिंगशर सिस्टम चालू न होने की बात सामने आई है। इसके पीछे मुख्य कारण पाइप लाइन में पानी भरा नहीं था। अगर पानी भरा होता तो यह सिस्टम एक्टिव हो जाता और आग पर तुरंत काबू पा लिया जाता।

हालांकि सीएमएचओ पदमेश उपाध्याय का कहना है कि ऑटोमैटिक फायर एक्सटिंगशर सिस्टम 56 डिग्री टेम्प्रेचर पर काम करता है। जिस जगह ओटी में दूसरी मंजिल पर आग लगी थी, वहां यह सिस्टम नहीं है। सिस्टम ठीक काम कर रहा है। उसमें कोई कमी नहीं है।

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